
भोपाल ; हमारे शरीर के लिए पोषक भोजन बहुत जरूरी होता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या बीमारियों को निमंत्रण देने के लिए काफी है। ऐसे में, जरूरी है कि आप सही और पोषक आहार नियमित तौर पर लें।
नाश्ता न छोड़ें: दिन की शुरुआत में नाश्ता करना जरूरी है, लेकिन कई लोग जल्दबाजी में बिना नाश्ता किए ही घर से निकल जाते हैं। नाश्ते में हल्की चीजें पोहा, दलिया, इडली जैसी हल्की चीजें लेना अच्छा होता है। यह पचने में हल्का होता है और कई तरह के पोषण तत्वों से भरपूर होता है। इससे आपके शरीर को ऊर्जा तो मिलती है, साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों भी मजबूत बनती है। ऐसा भी होता है कि लोग नाश्ते के नाम पर कुछ भी खा लेते हैं। ध्यान रहे ऐसा करने से आपको संतुलित आहर नहीं मिलता, जिससे मोटापा, कमजोरी इत्यादि परेशानियां होती है।
सिर्फ पोषण ही पर्याप्त नहीं: पोषण खाना शरीर के लिए बेहद आवश्यक है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि बस इसे खाकर ही आप स्वस्थ रह सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए पोषणयुक्त आहार के साथ जीवनशैली में बदलाव भी बहुत जरूरी है। तंदरुस्त जीवन के लिए 30 प्रतिशत व्यायाम, 30 प्रतिशत जीवनशैली जबकि 40 प्रतिशत हिस्सा सही खानपान का होता है। एक के बिना दूसरा प्रभावित होता है, अत: ध्यान रहे कि शरीर के लिए पोषण के अलावा बाकी चीजें भी जरूरी हैं।
चबाकर खाना जरूरी: पेट फूलने, अपच, एसिडिटी जैसी कई तरह की समस्याओं के लिए हमारे खाने का तरीका काफी हद तक जिम्मेदार होता है। खाने को चबाकर खाना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से खाते वक्त हमारे लार ग्रंथियों से एक तरह का एंजाइम निकलता है, जो खाने को पचाने में मदद करता है। इसलिए खाते वक्त जल्दी में न रहें और चबा-चबाकर खाएं।
पानी होगा कम तो समस्या होगी हर दम: गर्मियों में शरीर में पानी की मात्रा कम होना आम बात है। उमस और गर्मी के कारण पसीने के रूप में हमारे शरीर से काफी मात्रा में पोटैशियम बाहर निकल जाता है। पोटैशियम की मात्रा शरीर में कम होने से पैरों में ऐठन होने की दिक्कत लोगों में होती है। समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से पानी लेते रहना चाहिए। रोजाना 3-4 लीटर पानी पीने के साथ उन फलों का इस्तेमाल करें, जिनमें पानी अधिक होता है जैसे खरबूजा, तरबूज, संतरा जैसे फल। पानी की कमी से बचने के लिए बैग में पानी का बॉटल लेकर चलें, जिसमें नींबू का भी प्रयोग कर सकते हैं। ककड़ी मिले तो समय-समय पर खाते रहें।
बजट वाले ‘ड्राइफ्रूट्स’: ड्राइफ्रूट्स शरीर के लिए बहुत अच्छे होते हैं, हालांकि कई बार बजट के बाहर होने के कारण लोग इन्हें नहीं खा पाते। ऐसे में इनके विकल्प के रूप में भुना चना, मूंगफली इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कॅलेस्ट्रॉल वाले ध्यान दें: कॅलेस्ट्रॉल की बात आते ही लोग सबसे पहले आयल से परहेज करने लगते हैं। बाकी चीजों की तरह तेल भी शरीर के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अगर आपको कॅलेस्ट्रॉल की समस्या है तो तुरंत तेल बंद न कर दें, हां इसके इस्तेमाल पर नियंत्रण रखें।
खट्टे फल देते हैं अच्छे ‘फल’: विटमिन सी वाले फलों का सेवन शरीर के लिए काफी अच्छा होता है। त्वचा संबंधी बीमारी में असरदार होने के साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। संतरा, अंगूर, अमरूद, आम जैसे फलों का सेवन करना सही है, ध्यान रहे कि मौसमी फल ज्यादा खाने चाहिए। अंकुरित चना, मूंग भी खाना अच्छा होता है। कच्चा आम भी शरीर के लिए लाभदायक है।
खाने में नमक कम खाएं, तेल वाले पदार्थ से दूर रहें, डिब्बाबंद फूड (कोलड्रिंक, कैचअप इत्यादि से भी तौबा करें)
छोटे बच्चों के लिए
टिफिन में इडली, पराठा, मूंगफली, बिना कटे फल दे सकते हैं। रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंबा हल्दी का खाने में प्रयोग बढ़ाएं।
बुजुर्गों के लिए
प्रोटीन के लिए दाल। जैतून, आंबा हल्दी, मौसमी फल खा सकते हैं। दही, पनीर भी लें।उबले टमाटर का सलाद लें।
डायबीटीज के मरीज हों तो
मिश्रित अनाजों का आटा, बिना पॉलिश वाले चावल (उबालकर), प्रोटीन (दाल, दूध, दही, घी)
– डॉक्टर की सलाह से मौसमी फल ले सकते हैं
गर्भवती महिलाओं के लिए
आयरन वाली चीजें जैसे भुना चना, कुरमुरा, खजूर खाएं। साथ में विटमिन-सी के लिए पेरू, संतरा जरूर लें।
फिटनेस प्रेमी हैं तो
अधिक पानी पीएं। नारियल पानी, नींबू पानी इत्यादि जरूर लें। दूध, आलू, कुकीज, भुट्टा इत्यादि भी लें। प्रोटीन वाले पदार्थ खाएं (दाल, दूध इत्यादि)
उपरोक्त आधार पर संतुलित भोजन किया जाना उचित हैं। जहाँ तक हो मांसाहार –मांस ,मछली अंडा और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
वैद्य अरविन्द प्रेमचंद जैन ,संरक्षक शाकाहार परिषद्, भोपाल