नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग गुरु नवदीप जोशी के नेतृत्व में नवयोग सूर्योदय सेवा समिति द्वारा देशव्यापी योग जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से लाखों लोगों को योग एवं नादयोग साधना से जोड़ने का प्रयास किया गया।
अभियान के तहत 10 दिनों तक ऑनलाइन योग सेमिनार आयोजित किए गए, जबकि 21 जून को देश के 10 प्रमुख स्थानों पर हजारों साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। इसके अतिरिक्त देशभर के लगभग 190 स्थानों पर सैकड़ों साधकों ने योग और ध्यान सत्रों में सहभागिता की।
नवयोग के संस्थापक एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य योग गुरु नवदीप जोशी ने डीडी न्यूज, न्यूज नेशन, आजतक सहित विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया मंचों पर योग के महत्व पर चर्चा की तथा लेखों के माध्यम से योग का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
दिल्ली सरकार के सहयोग से मयूर विहार फेस-2 में हजारों लोगों को योग प्रोटोकॉल एवं नादयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन के सहयोग से योग दिवस सप्ताह का आयोजन कर नादयोग चिकित्सा के विशेष सत्र आयोजित किए गए।
इसके अलावा पुणे में सीआरपीएफ के सेवारत जवानों, उनके परिवारों और बच्चों के लिए विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया।
योग गुरु नवदीप जोशी के नेतृत्व में उत्तराखंड के सभी जिलों सहित 20 स्थानों, उत्तर प्रदेश के 50 स्थानों, राजस्थान के 50 स्थानों, दिल्ली के 35 स्थानों, बिहार के 20 स्थानों, हरियाणा के 10 स्थानों, पंजाब के 10 स्थानों, हिमाचल प्रदेश के 10 स्थानों, जम्मू-कश्मीर के 10 स्थानों तथा महाराष्ट्र के 3 स्थानों पर योग एवं नादयोग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर योग गुरु नवदीप जोशी ने कहा कि नादयोग साधना व्यक्ति के जीवन में दिशा और लक्ष्य निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। योगाभ्यास से शरीर में सकारात्मक रसायनों का निर्माण होता है, जिससे व्यक्ति शांत, प्रसन्नचित और ऊर्जावान बनता है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता और मानसिक एकाग्रता को भी बढ़ाने में सहायक है।
अभियान को सफल बनाने में संचालन समिति के सदस्य डॉ. विक्रम सिंह, राधा बल्लभ, योगाचार्य हर्ष शुक्ल, योगाचार्य योगराज, सरिता पंत, योगाचार्य मंजरी, प्रियंका, कृष्ण कन्हैया, भावना चौधरी, अर्चना आर्य, सुनील तिवारी, तस्वीर सिंह, रोहित, जसवंत कौर, नेहा, काजल, न्यूरोथेरेपिस्ट नवजीत, सूरज सिंह, पूजा, योगाचार्य स्वाति वर्मा, हर्षित, धर्मेंद्र, अर्जुन, श्वेता और खुशी सहित सैकड़ों योग शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
समिति ने कहा कि भविष्य में भी योग, नादयोग और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।















