Sunday, September 6, 2026
  • Login
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World
No Result
View All Result
TheIndiaPost
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World
No Result
View All Result
TheIndiaPost
No Result
View All Result
Home Agriculture

उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

The India Post by The India Post
December 6, 2024
in Agriculture
Reading Time: 3 mins read
0
उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
658
SHARES
5.1k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

READ ALSO

Union Minister Shivraj Singh Chouhan Releases ₹21.35 Crore to 6,000+ Agriculture Students via NSP-DBT

Government Bolsters Farm Mechanization with Subsidies and 100% FDI to Empower Small Farmers

प्रोफ़ेसर (डॉ) एसके सिंह : आम (Mangifera indica) को भारत का “फलों का राजा” कहा जाता है। उत्तर भारत में आम की खेती प्रमुख रूप से गर्मियों के मौसम में फल प्रदान करने वाले पौधों में से एक है। आम में फूल आने की प्रक्रिया (मंजर लगना) अत्यधिक जटिल है और यह विभिन्न आंतरिक और बाहरी कारकों पर निर्भर करती है। यह प्रक्रिया जलवायु, मिट्टी, पौधों की प्रजाति, और कृषि प्रबंधन प्रथाओं जैसे अनेक कारकों से प्रभावित होती है जैसे…..

1. जलवायु कारक

अ . आम में फूल आने के पूर्व अनुकूल

जलवायु

आम में फूल आने का समय और मात्रा मुख्य रूप से जलवायु से नियंत्रित होता है जिसने प्रमुख है…

तापमान

सर्दियों के मौसम में न्यूनतम तापमान 10-15°C के बीच होना आम में फूल आने के लिए आवश्यक है। ठंडी और शुष्क परिस्थितियां फूल बनने की प्रक्रिया (फ्लोरेसेंस) को प्रेरित करती हैं। यदि सर्दियों में तापमान अधिक हो या लगातार गर्म मौसम बना रहे, तो फूलों की संख्या कम हो सकती है।

दिन की लंबाई

आम की कुछ किस्में दिन की लंबाई पर निर्भर होती हैं। छोटा दिन (शॉर्ट डे) फूलों की प्रेरणा के लिए उपयुक्त होता है।

नमी

सर्दियों के दौरान कम सापेक्षिक आर्द्रता (50-60%) आम के फूलों के विकास के लिए आदर्श है। अत्यधिक नमी वाले क्षेत्रों में फूलों पर फफूंद रोगों का प्रकोप हो सकता है।

बारिश

सर्दियों और शुरुआती वसंत के दौरान अत्यधिक बारिश फूलों और कलियों को गिरा सकती है। साथ ही, बरसात के मौसम में पानी का जमाव जड़ सड़न और पोषणीय असंतुलन पैदा कर सकता है।

ब. आम में फूल आने के समय अनुकूल जलवायु

आम में फूल आने के समय अनुकूल जलवायु फल उत्पादन और गुणवत्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर भारत में फूल आने का समय मुख्यतः जनवरी से मार्च के बीच होता है, हालांकि यह भौगोलिक क्षेत्र और प्रजाति के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।

अनुकूल जलवायु के प्रमुख घटक

तापमान

आम में फूल आने के लिए दिन का तापमान 20-30 डिग्री सेल्सियस सर्वोत्तम होता है और

रात का तापमान 10-20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। अत्यधिक ठंड या पाला आम के फूलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

आर्द्रता

आन में फूल आने के समय 50-60% की मध्यम आर्द्रता अनुकूल होती है।अत्यधिक आर्द्रता (80% से अधिक) रोगों, जैसे एंथ्रेक्नोज़ और पाउडरी मिल्ड्यू, को बढ़ावा दे सकती है।

वर्षा

फूल आने के समय वर्षा या ओलावृष्टि फसल के लिए हानिकारक होती है। शुष्क मौसम फूलों के विकास और परागण के लिए आदर्श होता है।

धूप और रोशनी

भरपूर धूप वाले दिन परागण को प्रोत्साहित करते हैं। लगातार बादल या कोहरा परागण को प्रभावित कर सकता है।

हवा

हल्की शुष्क हवा परागण में सहायक होती है।तेज़ हवाएं फूलों को झाड़ सकती हैं और परागण में बाधा डाल सकती हैं।

पानी की उपलब्धता

फूल आने के समय सिंचाई बंद कर देनी चाहिए, क्योंकि सूखा तनाव फूल आने की प्रक्रिया को उत्तेजित करता है।

अन्य ध्यान देने योग्य बातें

जलवायु परिवर्तन

असामान्य तापमान और समय से पहले या बाद में बारिश फूलों और फलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

आम में फूल आने के लिए शुष्क और हल्के गर्म दिन, ठंडी रातें, और कम आर्द्रता वाली जलवायु सबसे उपयुक्त होती है। ऐसी परिस्थितियां परागण और फल-सेटिंग की सफलता सुनिश्चित करती हैं।

2. मिट्टी और पोषणीय कारक

(क) मिट्टी का प्रकार

उत्तर भारत में आम की खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी फूलों के स्वस्थ विकास में सहायक होती है।

(ख) पोषक तत्व

आम में फूल आने के लिए नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश का सही संतुलन आवश्यक है। अधिक नाइट्रोजन से पत्तियों की वृद्धि बढ़ जाती है, लेकिन यह फूलों के विकास को बाधित कर सकती है।

(ग) मिट्टी का pH

मिट्टी का pH 5.5 से 7.5 के बीच होना आदर्श है। अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय मिट्टी पौधों की पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

3. आनुवंशिक कारक

(क) किस्मों का चयन

आम की विभिन्न किस्में (जैसे दशहरी, लंगड़ा, चौसा, और मल्लिका) फूल आने के समय और मात्रा को प्रभावित करती हैं। दशहरी और लंगड़ा जैसी किस्में उत्तर भारत में लोकप्रिय हैं क्योंकि ये स्थानीय जलवायु परिस्थितियों के साथ अच्छी तरह अनुकूलित होती हैं।

(ख) पौधों की उम्र

सामान्यतः 5-6 वर्ष की आयु के बाद आम के वृक्ष फूल और फल देना शुरू करते हैं। पुराने वृक्षों में फूलों की संख्या कम हो सकती है, इसलिए समय-समय पर वृक्षों की छंटाई और प्रबंधन आवश्यक होता है।

4. कृषि प्रबंधन प्रथाएं

(क) छंटाई और कटाई

सर्दियों के पहले पुराने और अवांछित शाखाओं की छंटाई पौधे की ऊर्जा को फूलों के विकास की ओर मोड़ती है।

(ख) सिंचाई प्रबंधन

सर्दियों में फूलों के समय सिंचाई बंद कर दी जाती है। शुष्क अवस्था में वृक्षों में फूलों का विकास अधिक होता है।

(ग) फूल प्रेरक रसायन

पोटैशियम नाइट्रेट और एथ्रेल (Ethephon) जैसे रसायनों का उपयोग कुछ मामलों में फूल आने की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।

5. जीव वैज्ञानिक कारक

(क) फाइटोहॉर्मोन का प्रभाव

जैविक हार्मोन, जैसे जिबरेलिन और साइटोकाइनिन, आम के फूलों के विकास को प्रभावित करते हैं। जिबरेलिन की उच्च मात्रा फूलों को दबा सकती है, जबकि साइटोकाइनिन फूलों की संख्या बढ़ाने में सहायक होती है।

(ख) रोग और कीट प्रबंधन

फूल आने के दौरान कीटों और बीमारियों का प्रभाव प्रबंधन करना आवश्यक है। पाउडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेक्नोज जैसे रोग फूलों की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

6. स्थानीय कारक और भौगोलिक प्रभाव

(क) क्षेत्रीय विविधता

उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों (जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, और हरियाणा) में तापमान और मिट्टी की संरचना में भिन्नता आम के फूलों के समय और मात्रा को प्रभावित करती है।

(ख) जलवायु परिवर्तन

हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन से फूलों के समय और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। असामयिक बारिश और गर्म हवाएं फूलों की क्षति का कारण बनती हैं।

सारांश

उत्तर भारत में आम में फूल आने के लिए उपयुक्त जलवायु, मिट्टी, और पौधों की सही प्रजाति का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, उचित कृषि प्रबंधन और पोषणीय संतुलन बनाए रखना फूलों की संख्या और गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक होता है। जलवायु परिवर्तन के इस युग में, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है ताकि आम की उत्पादकता और गुणवत्ता बनी रहे।

(डॉ. राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय , पूसा , समस्तीपुर, बिहार, विभागाध्यक्ष, पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ प्लांट पैथोलॉजी एवं नेमेटोलॉजी)

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…

Related Posts

Union Minister Shivraj Singh Chouhan Releases ₹21.35 Crore to 6,000+ Agriculture Students via NSP-DBT
Agriculture

Union Minister Shivraj Singh Chouhan Releases ₹21.35 Crore to 6,000+ Agriculture Students via NSP-DBT

August 11, 2026
Drone Agriculture Tractor Field Farmring
Agriculture

Government Bolsters Farm Mechanization with Subsidies and 100% FDI to Empower Small Farmers

August 11, 2026
कपूर का पेड़: घर के आसपास प्रकृति का सुगंधित वरदान
Agriculture

कपूर का पेड़: घर के आसपास प्रकृति का सुगंधित वरदान

June 21, 2026
From Simdega to London: Jharkhand’s Women-Led Farm Group Flags Off First Historic Mango Export to UK
Agriculture

From Simdega to London: Jharkhand’s Women-Led Farm Group Flags Off First Historic Mango Export to UK

June 8, 2026
Union Minister Shivraj Singh Chouhan Launches ‘Khet Bachao Abhiyan’ as a National Movement to Revitalize Indian Farmlands
Agriculture

Union Minister Shivraj Singh Chouhan Launches ‘Khet Bachao Abhiyan’ as a National Movement to Revitalize Indian Farmlands

May 30, 2026
मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए आईसीएआर ने तेज किया संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान
Agriculture

मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए आईसीएआर ने तेज किया संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान

May 21, 2026

POPULAR NEWS

Applicants Face Technical Glitch During Udyam MSME Registration; CBDT Server Downtime Causes Delays

Applicants Face Technical Glitch During Udyam MSME Registration; CBDT Server Downtime Causes Delays

July 15, 2025
उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

December 6, 2024
Prof. Gurvinder Pal Thami Appointed Medical Superintendent of Govt. Medical College & Hospital, Sector-32, Chandigarh

Prof. Gurvinder Pal Thami Appointed Medical Superintendent of Govt. Medical College & Hospital, Sector-32, Chandigarh

December 12, 2024
“स्वादिष्ट तरीके से रक्त शर्करा (डायबिटिक) को नियंत्रित करें अपनी प्लेट में मशरूम शामिल करें “

“स्वादिष्ट तरीके से रक्त शर्करा (डायबिटिक) को नियंत्रित करें अपनी प्लेट में मशरूम शामिल करें “

December 6, 2024
“पौधों की बीमारियों के खिलाफ प्रकृति की ढाल को सशक्त बनाना – ट्राइकोडर्मा को बढ़ाने का (बहुगुणन) सबसे आसान तरीका जानें”

“पौधों की बीमारियों के खिलाफ प्रकृति की ढाल को सशक्त बनाना – ट्राइकोडर्मा को बढ़ाने का (बहुगुणन) सबसे आसान तरीका जानें”

December 6, 2024

EDITOR'S PICK

‘इंडिया से भारत: एक प्रवास’ में प्रशांत पोळ ने बताया देश के आत्मबोध की यात्रा का इतिहास

‘इंडिया से भारत: एक प्रवास’ में प्रशांत पोळ ने बताया देश के आत्मबोध की यात्रा का इतिहास

February 14, 2026
किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा ज्ञापन, MIS योजना की जानकारी से किसानों में उत्साह

किसान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा ज्ञापन, MIS योजना की जानकारी से किसानों में उत्साह

June 5, 2025
अब न रहे कोई भ्रम-पपीते की खेती के लिए तैयार करें खुद को पूरी जानकारी संग!

अब न रहे कोई भ्रम-पपीते की खेती के लिए तैयार करें खुद को पूरी जानकारी संग!

April 24, 2025
BJP releases manifesto for Haryana polls

BJP releases manifesto for Haryana polls

September 20, 2024

About

TheIndiaPost is India’s leading trilingual (English,Hindi and Punjabi) news platform for latest news, features, and breaking stories. Send your press notes to theindiapost@gmail.com

Follow us

Categories

  • AAP
  • Agriculture
  • Article
  • BJP
  • Business
  • Chandigarh
  • Congress
  • Defence
  • Education
  • Haryana
  • Headline
  • Health
  • Himachal
  • Madhya Pradesh
  • Nation
  • North East
  • Politics
  • Property
  • Punjab
  • SAD
  • Sports
  • Technology
  • Tolet
  • Uncategorized
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • World

Recent Posts

  • PM Modi Advocates AI-Driven Water Data Governance at National Departmental Summit
  • Dr. Vidya Rattan Assumes Charge as Head of Oral Health Sciences Centre at PGIMER Chandigarh
  • Chandigarh Administration Launches Biological Drive Against Mosquitoes at Butterfly Park
  • Government Model High School Sector 42-B Clinches Gold in U-17 Girls’ Hockey

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World

© 2026 TIP - India’s leading trilingual news platform for latest news, features, and breaking storiesBharatKiAwaj.

%d