चंडीगढ़, 29 सितंबर। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष एवं भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य संजय टंडन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार पर आत्ममंथन करने के बजाय वे चुनाव आयोग और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने में लगे रहते हैं।
मेयर सौरभ जोशी के साथ सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए टंडन ने कहा कि राहुल गांधी के रवैये पर कहावत “नाच न जाने, आंगन टेढ़ा” पूरी तरह सटीक बैठती है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठते हैं, राहुल गांधी चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करने लगते हैं। कांग्रेस को यह विचार करना चाहिए कि वह बार-बार मतदाताओं का विश्वास क्यों खो रही है।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत, प्रवक्ता गुरप्रीत ढिल्लों, पार्षद राजिंदर शर्मा और कंवर राणा भी उपस्थित रहे।
टंडन ने कहा कि यही चुनावी व्यवस्था विभिन्न विपक्षी दलों को भी जीत दिलाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक, केरल और हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आई, जबकि आम आदमी पार्टी ने पंजाब और दिल्ली तथा तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में चुनाव जीते हैं। उन्होंने कहा कि जीत के समय चुनावी व्यवस्था स्वीकार्य होती है, लेकिन हार के बाद उस पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) पर बोलते हुए टंडन ने कहा कि यह एक नियमित लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और अपात्र नामों को हटाने की इस प्रक्रिया का विरोध करने के बजाय कांग्रेस को इसमें रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश के मंचों पर भारत की चुनावी और संसदीय संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाते रहे हैं। टंडन ने कहा कि सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जाने वाले आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।
राहुल गांधी की 2019 की “चौकीदार चोर है” टिप्पणी का उल्लेख करते हुए टंडन ने कहा कि बाद में गांधी ने इस बयान को सुप्रीम कोर्ट से जोड़ने पर खेद व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि गंभीर आरोप लगाकर बाद में स्पष्टीकरण देने की प्रवृत्ति एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
टंडन ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के लिए व्यवस्था को दोष देने के बजाय संगठन को मजबूत करने और जनता से दोबारा जुड़ने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद तर्कपूर्ण बहस, साक्ष्य और नीतिगत विकल्पों के लिए है, न कि राजनीतिक दिखावे के लिए।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस बार-बार सवाल उठाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि चंडीगढ़ में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 4,50,282 मतदाता थे, जो अंतिम सूची में बढ़कर 4,60,209 हो गए हैं।
जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को तथ्यों और आंकड़ों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान चंडीगढ़ की जनता से किए गए अपने वादों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता जागरूक है और राजनीतिक दलों के वादों तथा कार्यों का मूल्यांकन करना जानती है।















