कोलकाता: आगामी चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं के नाम एक भावुक और कड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ‘एबार भाजपा सरकार’ (इस बार भाजपा सरकार) का नारा देते हुए राज्य की सत्ताधारी पार्टी (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कटघरे में खड़ा किया है।
बंगाल की वर्तमान स्थिति पर पीएम मोदी की व्यथा पीएम मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत “जय मां काली” के उद्घोष से करते हुए लिखा कि कुछ ही महीनों में पश्चिम बंगाल का भाग्य तय होने वाला है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
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“सोनार बंगाल का सपना देखने वाला हर व्यक्ति आज दुखी है। राज्य में माताएं और बहनें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।”
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रोजगार के अभाव में राज्य के युवा दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।
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पिछले छह दशकों के कुशासन और ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ ने पश्चिम बंगाल को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।
असहयोग के बावजूद केंद्र सरकार की उपलब्धियां प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए बताया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार ने बंगाल के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी सरकार के 11 वर्षों के आंकड़े साझा किए:
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जन-धन योजना: करीब 5 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े।
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स्वच्छ भारत अभियान: राज्य में 85 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया।
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मुद्रा लोन: छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।
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अटल पेंशन योजना: 56 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाया गया।
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उज्ज्वला योजना: 1 करोड़ से अधिक परिवारों को रसोई गैस देकर माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाई गई।
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किसान सम्मान निधि: 52 लाख से अधिक किसानों को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई गई।
महापुरुषों के ‘सोनार बंगाल’ का क्या हुआ? पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद, ऋषि अरविंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर का स्मरण करते हुए कहा कि आज उनका ‘सोनार बंगाल’ वोट-बैंक की संकीर्ण राजनीति, हिंसा और अराजकता में जकड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य में अवैध घुसपैठ और नकली वोटरों के हावी होने पर पूरे देश की चिंता जाहिर की।
‘अब परिवर्तन अनिवार्य है’ पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता से परिवर्तन का स्पष्ट आह्वान किया। उन्होंने लिखा, “हम कब तक चुपचाप यह सब सहते रहेंगे? अब परिवर्तन अनिवार्य है।” मोदी ने आश्वस्त किया कि देश के अन्य राज्यों की तरह पश्चिम बंगाल भी ‘आयुष्मान भारत’ जैसी स्वास्थ्य सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल का पूरा हकदार है।














