मजीठा/अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का जेल से रिहा होने के बाद पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र मजीठा पहुंचने पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। भारी भीड़, आतिशबाजी और फूलों की बारिश के बीच निकले इस विशाल रोड शो ने अकाली दल के ‘मिशन 2027’ का औपचारिक शंखनाद कर दिया है।
सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव: कट्टर विरोधी आए साथ मजीठिया के इस रोड शो में उमड़ी भीड़ ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस दौरान सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा का केंद्र सुखजिंदर राज सिंह (लाली मजीठिया) की उपस्थिति रही। बिक्रम मजीठिया के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाने वाले लाली मजीठिया ने अपने गिले-शिकवे भुलाकर इस स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसे मजीठा की राजनीति में एक बड़े और निर्णायक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
सीएम भगवंत मान और ‘दिल्ली दरबार’ पर सीधा निशाना खुली गाड़ी में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे हमले किए:
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बदले की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा था ताकि वे 2027 तक बाहर न आ सकें। लेकिन कोर्ट के इंसाफ और जनता की दुआओं से वे वापस लौटे हैं।
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‘दिल्ली का राज’: मजीठिया ने कहा कि आज पंजाब को ‘दिल्ली वाले’ चला रहे हैं, लेकिन पंजाबी इस बात को समझ चुके हैं और 2027 में दिल्ली वालों को यहां से खदेड़ दिया जाएगा।
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नई योजनाओं पर तंज: पंजाब सरकार की ‘मेरी रसोई’ स्कीम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चार साल बाद सरकार को गरीबों की याद आई है, जबकि अकाली दल के समय से ही ‘आटा-दाल’ स्कीम चल रही थी।
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लोकतंत्र का हनन: उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी राजनीतिक विरोधी या पत्रकार सरकार के खिलाफ बोलता या लिखता है, उस पर झूठे पर्चे (FIR) दर्ज कर दिए जाते हैं।
कानून-व्यवस्था और DGP पर गंभीर आरोप स. मजीठिया ने पंजाब की चरमराती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया:
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व्यापारियों को धमकियां: उन्होंने कहा कि अकाली सरकार में किसी की हिम्मत नहीं थी कि मजीठा में व्यापारियों को धमकी दे, लेकिन आज हर दूसरे छोटे दुकानदार को रंगदारी (Extortion) के कॉल आ रहे हैं। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी दी कि मजीठा में ऐसा करने वालों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।
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गुरदासपुर घटना की लीपापोती: गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या पर उन्होंने मुख्यमंत्री और DGP ऑफिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया कि इसे शुरुआत में ‘आपसी झगड़ा’ बताने की कोशिश की गई।
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DGP की कार्यप्रणाली: मजीठिया ने पंजाब के कार्यकारी DGP पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ आम आदमी पार्टी के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जल्द ही पंजाब को एक स्थायी और ‘असली’ DGP मिलेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि मौजूदा हालात में उन्हें भी गोली मारी जा सकती है और जो गायक उनसे मिलते हैं, उनकी सुरक्षा वापस ली जा रही है।
“अब मुख्यमंत्री नाभा जाने की तैयारी करें” अपने भाषण के अंत में बिक्रम मजीठिया ने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा, “मैं साढ़े सात महीने अंदर रहकर मजीठा लौटा हूं, लेकिन अब मुख्यमंत्री को नाभा जेल जाने की तैयारी करनी चाहिए।” उन्होंने मजीठा की जनता से दिल्ली गैंग को उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट होने की अपील की।










