चंडीगढ़: पंजाब में बढ़ते कर्ज और राजस्व के मुद्दों को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मजीठिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर चुनावी वादे तोड़ने, झूठे विज्ञापनों पर पैसे लुटाने और राज्य को भारी कर्ज के जाल में धकेलने का गंभीर आरोप लगाया है।
कर्ज का बढ़ता बोझ और ‘0+0=0’ का तंज मजीठिया ने पंजाब के कर्ज के आंकड़े साझा करते हुए ‘आप’ सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए:
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पिछली सरकारों का रिकॉर्ड: उन्होंने बताया कि देश की आजादी से लेकर वित्तीय वर्ष 2021-22 तक पिछली सभी सरकारों ने मिलकर कुल 2,81,773 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस कर्ज का उपयोग पंजाब का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) खड़ा करने में हुआ, विशेषकर 2007 से 2017 के बीच पूर्व सीएम स्व. प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल की दूरदर्शी सोच के कारण, जिसका लाभ राज्य को आज भी मिल रहा है।
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‘आप’ सरकार का कर्ज: मजीठिया ने दावा किया कि मार्च 2026 तक पंजाब का कुल कर्ज बढ़कर करीब 4,17,136 करोड़ रुपये हो जाएगा। भगवंत मान सरकार ने अपने सिर्फ चार साल के कार्यकाल में ही करीब 1,35,363 करोड़ रुपये का नया कर्ज ले लिया है।
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विकास नदारद: उन्होंने आशंका जताई कि 2025-26 के लिए लिए जाने वाले नए कर्ज के बाद यह आंकड़ा 5 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मजीठिया ने तंज कसते हुए कहा कि इतने भारी कर्ज के बावजूद पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई तरक्की नहीं हुई है, कुल मिलाकर यह सरकार विकास के मामले में “0+0=0” साबित हुई है।
केजरीवाल और मान के पुराने वादों पर सवाल: ‘कहां हैं 80 हजार करोड़?’ अकाली नेता ने ‘आप’ नेताओं को उनके चुनाव पूर्व किए गए वादों की याद दिलाई:
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माइनिंग का वादा: सरकार बनने से पहले केजरीवाल और भगवंत मान ने दावा किया था कि माइनिंग (खनन) से हर साल 20 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व आएगा। मजीठिया ने पूछा, “पिछले चार साल के 80 हज़ार करोड़ रुपये कहां गए?”
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राजस्व चोरी का दावा: उन्होंने यह भी पूछा कि भ्रष्टाचार और राजस्व की ‘चोर मोरी’ रोककर हर साल जो 34 हज़ार करोड़ रुपये बचाने का दावा किया गया था, वह पैसा आखिर कहां गया?
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फिजूलखर्ची का आरोप: मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाबियों को मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाए गए और कर्ज का पैसा केवल हवाई जहाजों के सफर और झूठे विज्ञापनों पर बर्बाद किया गया।
राजा वड़िंग के ‘बस घोटाले’ पर यू-टर्न क्यों? बिक्रम मजीठिया ने कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से जुड़े बस बॉडी खरीद मामले में भी सीएम मान को घेरा। उन्होंने कहा कि सीएम मान विधानसभा में चीख-चीख कर कहते थे कि वड़िंग के मंत्री रहते हुए बसों की बॉडी खरीद का मामला खोला जाएगा।
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मजीठिया ने सवाल दागा कि उसी राजस्थान से पीआरटीसी (PRTC) के बेड़े में बसें शामिल कर मान सरकार ने यू-टर्न क्यों ले लिया?
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उन्होंने पूछा, “यह गोलमाल कहां हुआ? वह फाइल अब कहां है और यह समझौता किसके जरिए हुआ? मुख्यमंत्री को पंजाब की जनता को इसका जवाब देना चाहिए।”
जनता से अपील और कानून-व्यवस्था का मुद्दा अपने बयान के अंत में मजीठिया ने पंजाब की बदहाल होती कानून-व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पंजाबियों से अपील की है कि जब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान वोट मांगने उनके पास आएं, तो उनसे यह जरूर पूछें कि पंजाब के मेहनतकश लोगों का पैसा फालतू खर्चों में क्यों बर्बाद किया गया और इस ‘अंधी लूट’ पर मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं।











