‘नव वैदिक ग्राम’ की पहल के तहत आयोजित संस्कार शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम, स्वास्थ्य और आदर्श नागरिकता के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया। शिविर का पहला दिन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहा, जिसमें 35 बालक-बालिकाओं ने भाग लिया, जबकि सात लोगों ने व्यवस्थाओं का संचालन संभाला।
शिविर में बच्चों को प्रकृति, जीव-जगत, गौसेवा, अध्यात्म, स्वास्थ्य और शिक्षाप्रद खेलों के माध्यम से जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई। आयोजकों ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें चार अलग-अलग दलों में बांटा गया, ताकि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और व्यवस्था संचालन जैसे गुण विकसित हो सकें।
विशेष रूप से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी जागरूक किया गया। भोजन कैसा होना चाहिए, कब करना चाहिए, कितना और किस प्रकार करना चाहिए, इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। बच्चों ने इन सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई जानकारियां प्राप्त कीं।
शिविर में पौष्टिक अल्पाहार, प्रेरणादायक गतिविधियां और प्रोत्साहन पुरस्कारों की भी समुचित व्यवस्था की गई। पूरे दिन बच्चों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
आयोजकों ने कहा कि ‘नव वैदिक ग्राम’ की यह पहल नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस प्रकार के संस्कारमूलक कार्यों में सहयोग देने वाले सभी जागरूक नागरिकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।















