नई दिल्ली/सोनीपत: देश में कानून के शासन, संसदीय संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक पेशेवर व सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने लोकतंत्र और चुनाव प्रशासन से जुड़े पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तीन नए स्नातकोत्तर (Postgraduate) डिग्री कार्यक्रमों की शुरुआत की है।
भव्य शुभारंभ और प्रमुख हस्तियां इन कार्यक्रमों का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (मुख्य अतिथि) और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल (विशिष्ट अतिथि) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस विशेष अवसर पर भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व सांसद नवीन जिंदल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
शुरू किए गए तीन नए एम.ए. कार्यक्रम (1 वर्षीय) विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए नए पाठ्यक्रम इस प्रकार हैं:
- विधायी मसौदा तैयार करने में एम.ए. (M.A. in Legislative Drafting)
- चुनावी विश्लेषण एवं प्रबंधन में एम.ए. (M.A. in Electoral Analysis and Management)
- राजनीतिक संचार में एम.ए. (M.A. in Political Communication)
लोकतंत्र और सुशासन पर अतिथियों के विचार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जनभागीदारी को एक नई दिशा देगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधायी ड्राफ्टिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून की भाषा में एक-एक शब्द का बहुत महत्व होता है। सटीक मसौदा तैयार करना ही बेहतरीन शासन व्यवस्था का मुख्य आधार है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और शानदार करियर के अवसर विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा गया है। छात्रों के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और देश के शीर्ष नीति-निर्माताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था की गई है। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से छात्रों को शासन, नीति निर्माण, मीडिया, रणनीतिक संचार, नियामक संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शानदार करियर बनाने में मदद मिलेगी।













