दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर सामने आए विवाद के विरोध में हरियाणा भाजपा ने रविवार को प्रदेशभर में कैंडल मार्च आयोजित किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के आह्वान पर राज्य के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में आयोजित इस मार्च के माध्यम से राष्ट्रगीत के सम्मान और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने असंख्य देशभक्तों को प्रेरित किया और राष्ट्र के लिए बलिदान की भावना जगाई। ऐसे राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी प्रकार का अनादर देशवासियों की भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम पर कांग्रेस नेतृत्व को देश के सामने स्पष्ट स्पष्टीकरण देना चाहिए। यदि राष्ट्रगीत के सम्मान में किसी प्रकार की कमी हुई है तो कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गौरव के सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ को भी विशेष वैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देश की सामूहिक राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में आयोजित कैंडल मार्च में भाजपा के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। भाजपा ने इस विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताया।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र के सम्मान, राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा और वीर बलिदानियों की विरासत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट पक्ष रखने और यदि कोई अनादर हुआ है तो सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की।















