नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना का सबसे पुराना और चर्चित लड़ाकू विमान MIG-21 अब अपनी अंतिम उड़ान भरने के लिए तैयार है। 60 वर्षों तक देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाला यह विमान 26 सितंबर को आखिरी बार उड़ान भरेगा। इसके बाद इसे औपचारिक रूप से वायुसेना के बेड़े से रिटायर कर दिया जाएगा।
MIG-21 भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहते हुए कई ऐतिहासिक अभियानों में शामिल रहा है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध, कारगिल संघर्ष और 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक में इस विमान ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में MIG-21 से जुड़ी कई दुर्घटनाओं ने इसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे। इसके बावजूद, इस विमान ने छह दशकों तक भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनकर देश की हवाई सुरक्षा में बेमिसाल योगदान दिया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि MIG-21 भारतीय वायुसेना के इतिहास में हमेशा एक ‘लीजेंड’ के तौर पर याद किया जाएगा।














