नई दिल्ली। देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति सामान्य मौसमी फ्लू के अनुरूप है और किसी नए या खतरनाक वायरस स्ट्रेन का पता नहीं चला है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर), आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) संयुक्त रूप से देशभर में इन्फ्लुएंजा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि देश में प्रसारित हो रहा इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1) वायरस वर्ष 2025 से प्रचलित वंशावली का ही हिस्सा है। डीएचआर-आईसीएमआर की 73 वायरस अनुसंधान एवं नैदानिक प्रयोगशालाओं (वीआरडीएल) के नेटवर्क द्वारा की जा रही जीनोमिक निगरानी में वायरस के किसी नए या असामान्य स्वरूप का संकेत नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि वायरस में पाए गए आनुवंशिक बदलाव मौसमी इन्फ्लुएंजा में सामान्य रूप से होने वाली ‘एंटीजेनिक ड्रिफ्ट’ प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे छोटे बदलाव वायरस के प्रसार के दौरान स्वाभाविक रूप से होते रहते हैं और इन्हें किसी नए या अधिक खतरनाक स्ट्रेन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
डॉ. बहल ने कहा कि एच1एन1 सहित मौसमी इन्फ्लुएंजा सामान्यतः हल्का श्वसन संक्रमण होता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और कमजोरी शामिल हैं। अधिकांश मरीज पर्याप्त आराम, तरल पदार्थों के सेवन और सामान्य देखभाल से बिना किसी विशेष उपचार के ठीक हो जाते हैं।
हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
आईसीएमआर ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने, अस्वस्थ होने पर घर में रहने और संतुलित आहार लेने की अपील की है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने कहा कि देशभर में इन्फ्लुएंजा वायरस की गतिविधियों, संक्रमण की गंभीरता और संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौजूदा वैज्ञानिक साक्ष्य बताते हैं कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है।














