मुरथल। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों से केवल अंक, परीक्षा और डिग्री तक सीमित न रहने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अमित कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. सुरेश वर्मा, डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. एम.एन. मिश्रा, एडमिशन कोऑर्डिनेटर प्रो. दिनेश सिंह, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां वे अपने विचारों को आकार देते हैं, क्षमताओं को पहचानते हैं और जिम्मेदार नागरिक व कुशल पेशेवर बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक प्रगति का नाम नहीं, बल्कि सामाजिक विकास, तकनीकी उन्नति, पर्यावरणीय संतुलन और मानवीय मूल्यों का समन्वय है। विद्यार्थियों को ऐसी तकनीकों और नवाचारों पर कार्य करना चाहिए जो समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सकें।
प्रो. सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी उभरती तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में इन्हीं क्षेत्रों में नवाचार देश और दुनिया का भविष्य तय करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से बहुविषयक शिक्षा अपनाने और शोध, नवाचार तथा उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजक बनने का आग्रह किया।
कुलगुरु ने कहा कि भारत को केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले युवा चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने करियर को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में कुलगुरु ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में नई तकनीकों, शोध, नवाचारों और उद्यमों के माध्यम से देश और दुनिया में डीसीआरयूएसटी का नाम रोशन करेंगे।














