चंडीगढ़, 8 अक्टूबर: पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को सेक्टर-26 स्थित अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। पिछले डेढ़ वर्ष में मंडी का यह उनका चौथा दौरा था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रशासक ने मंडी की सड़कों, सीवरेज व्यवस्था और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा पाया कि कई स्थानों पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी खराब पाई गई। इस पर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को शौचालयों के नियमित रखरखाव और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
श्री कटारिया ने मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय का भी दौरा किया, जो वर्तमान में एक निजी भवन में संचालित हो रहा है। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करते हुए देर से आने या बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को बदलने के निर्देश भी दिए।
प्रशासक ने मंडी की सड़कों की रीकारपेटिंग और सीवरेज से संबंधित लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के आदेश दिए। साथ ही यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा को मंडी में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी की सफाई, बुनियादी ढांचे के विकास और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान उपायुक्त निशांत कुमार यादव और मार्केटिंग बोर्ड के सचिव डी. कार्तिकेयन भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों को प्रशासक ने निरीक्षण के दौरान मौके पर बुलाया था।
व्यापारियों ने उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान मंडी के कई दुकानदारों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी व्यक्त की। व्यापारियों का कहना था कि मार्केट कमेटी द्वारा सफाई व्यवस्था पर हर वर्ष बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन इसके बावजूद मंडी में गंदगी की समस्या लगातार बनी रहती है। दुकानदारों ने यह भी सवाल उठाया कि मंडी में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कितने चालान किए जाते हैं और इस संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक सब्जी विक्रेता ने आरोप लगाया कि कुछ सफाई कर्मचारी उनसे और अन्य दुकानदारों से मुफ्त में सब्जियां लेकर जाते हैं, जबकि सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। व्यापारी ने मांग की कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।














