नई दिल्ली/जिनेवा: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को वर्चुअली संबोधित करते हुए सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) के उन्मूलन को लेकर भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस जानलेवा बीमारी से निपटने और महिलाओं का जीवन बचाने के लिए एक व्यापक तथा बहुआयामी रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
रोकथाम, जांच और समय पर उपचार है मुख्य हथियार स्वास्थ्य मंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को भारत की स्वास्थ्य रणनीति का ब्यौरा देते हुए बताया कि सरकार का मुख्य फोकस तीन प्रमुख बिंदुओं पर है:
-
नियमित जांच (Screening) और प्रारंभिक पहचान (Early Detection)
-
रोकथाम (Prevention)
-
समय पर और सुलभ उपचार (Timely Treatment)
8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की हो चुकी है जांच आंकड़े साझा करते हुए जेपी नड्डा ने बताया कि राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के तहत देश में अब तक 8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की जा चुकी है।
-
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 30 से 65 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ (Ayushman Arogya Mandirs) में विशेष मुफ्त जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
-
इससे देशभर में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे और जांच सेवाओं की पहुंच अत्यधिक मजबूत हुई है।
WHO महानिदेशक ने की भारत के ‘मेगा अभियान’ की सराहना प्रेस वार्ता के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस (Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी ‘एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान’ की खुलकर प्रशंसा की।
-
उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क टीकाकरण अभियान बताते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर के खात्मे की दिशा में भारत की यह पहल एक ऐतिहासिक कदम है।
-
बता दें कि इस महाभियान के तहत देश की लगभग 1.2 करोड़ किशोरियों को यह जीवन रक्षक टीका मुफ्त उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वैच्छिक भागीदारी और वैश्विक स्वास्थ्य में भारत का योगदान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान पूरी तरह से स्वैच्छिक भागीदारी (Voluntary Participation) और अभिभावकों की सहमति पर आधारित है। यह दृष्टिकोण भारतीय समुदाय के मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत केवल अपने नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग (Global Health Cooperation) को मजबूत करने में भी एक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभा रहा है।














