नई दिल्ली/स्वास्थ्य डेस्क: खर्राटे (Snoring) केवल एक रात की बाधा नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और पारिवारिक रिश्तों को गहराई से प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। नींद की कमी के कारण शरीर की हीलिंग प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे हीन भावना और कई शारीरिक बीमारियां जन्म लेती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान घरेलू उपायों और योगाभ्यास से इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
त्वरित समाधान और सोने का तरीका अगर आप खर्राटों से परेशान हैं, तो सबसे पहले अपने सोने की पोजीशन बदलें। पीठ के बल सीधे लेटने के बजाय करवट लेकर सोएं। इससे सांस की नली में रुकावट कम होती है और खर्राटे आने तुरंत बंद हो सकते हैं।
प्रभावी योगाभ्यास: विरेचन और उज्जाई सांस के मार्ग को साफ करने के लिए योग विज्ञान में दो महत्वपूर्ण अभ्यास बताए गए हैं:
- विरेचन गति: इसमें सीधे बैठकर नाक से तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती है। प्रतिदिन 100 से 200 बार इसका अभ्यास करने से नली का ‘ब्लॉक’ खुल जाता है।
- उज्जाई प्राणायाम: इसे ‘नकली खर्राटे’ भी कहा जाता है। इसमें जीभ को ऊपर की ओर फोल्ड करके गले से घर्षण करते हुए सांस ली और छोड़ी जाती है। यह गले की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और खराश या बलगम को दूर करता है।
घरेलू नुस्खे और जीवनशैली
- देसी घी का प्रयोग: रात को सोने से पहले नाक की दोनों बूंदों में एक-एक बूंद गाय का शुद्ध देसी घी डालने से सांस का रास्ता साफ होता है।
- भाप (Steam): सोने से पहले हल्की भाप लेने से ब्लॉकेज दूर होता है।
- गुनगुना पानी: हमेशा गुनगुना पानी पीने का प्रयास करें ताकि गला और श्वसन मार्ग साफ रहे।
- वजन नियंत्रण: मोटापा खर्राटों का एक बड़ा कारण है। संतुलित आहार और व्यायाम से वजन कम करना अनिवार्य है।
- बुरी आदतों का त्याग: धूम्रपान और शराब का सेवन खर्राटों की समस्या को कई गुना बढ़ा देता है, इसलिए इनसे दूरी बनाएं।
निष्कर्ष लोग खर्राटों के लिए ऑपरेशन या महंगी स्ट्रिप्स का सहारा लेते हैं, लेकिन यदि अनुशासन के साथ योग और इन घरेलू उपायों को अपनाया जाए, तो बिना किसी खर्च के एक स्वस्थ और सुखद पारिवारिक जीवन जिया जा सकता है।















