हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा ही भारत को विकसित और सशक्त बनाने की संजीवनी है तथा नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) शिक्षा के उत्थान का सबसे प्रभावी माध्यम साबित होगी। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय दूबलधन एनईपी 2020 की सभी शर्तों पर खरा उतरता है और इसे भविष्य में शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा यह बातें राजकीय महाविद्यालय दूबलधन में आयोजित भव्य सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दुर्वासा ऋषि की तपोस्थली में स्थित यह कॉलेज किसी भी दृष्टि से रविंद्रनाथ टैगोर के शांतिनिकेतन से कम नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कॉलेज के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने शिक्षा सुधार समिति द्वारा रखी गई मांगों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दूबलधन कॉलेज के लिए नया भवन बनाया जाएगा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दूबलधन और माजरा को मॉडल संस्कृति स्कूल अथवा पीएम श्री स्कूल बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने समिति के मांग पत्र को कॉलेज विकास के लिए “टॉनिक” करार दिया।
पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि दूबलधन क्षेत्र प्राचीन काल से शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज का विकास भारतीय संस्कृति और शिक्षा परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने कहा कि महर्षि दुर्वासा से लेकर नितानंद महाराज तक इस क्षेत्र की शिक्षा और आध्यात्मिक परंपरा को नई दिशा देने का कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह इलाका प्राचीन समय से ही शिक्षा और चिकित्सा का प्रमुख केंद्र रहा है।
समारोह के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष कप्तान बिरधाना, संजय काबलाना और जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि सहित कई वक्ताओं ने सरकार से कॉलेज के विकास के लिए उदार सहायता देने की मांग की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, मां सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। मंच संचालन प्रोफेसर कुलताज सिंह और प्रोफेसर अजय सिंह कादयान ने किया। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य कर्मवीर गुलिया और स्टाफ सदस्यों ने कॉलेज की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी।
समारोह स्थल पर शिक्षा मंत्री और अन्य अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। सिवाना चौक से कॉलेज तक युवाओं ने ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ अगुवाई की। बुजुर्ग महिलाओं ने शिक्षा मंत्री को पारंपरिक शगुन देकर दीर्घायु की कामना की।
इस अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं रौनक, राखी, तान्या, रोमा और करीना सहित कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, खिलाड़ी, सेवानिवृत्त अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।















