नई दिल्ली — सोशल मीडिया पर अमेरिका विरोधी अभियान लगातार तेज हो रहा है। फेसबुक पर बलविंदर सिंह की एक पोस्ट ने लोगों के बीच जनजागरण का काम किया, जिसके बाद जगह-जगह विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50% कर दिया है और साथ ही 1% जुर्माना भी लगाया है।
पोस्ट में अपील की गई है कि लोग राष्ट्रहित में अमेरिकी कंपनियों और उनके उत्पादों की पहचान करें और उनका बहिष्कार करें। सूची में शामिल कुछ प्रमुख ब्रांड इस प्रकार हैं —
❌ कोका-कोला, फैंटा, थम्स अप
❌ पेप्सी
❌ मैकडॉनल्ड्स
❌ डोमिनोज़ पिज़्ज़ा
❌ बर्गर किंग
❌ सबवे
❌ केएफसी
❌ पिज़्ज़ा हट
❌ कैडबरी, ओरियो
❌ कोलगेट
❌ पी एंड जी (Procter & Gamble)
❌ जॉनसन एंड जॉनसन
❌ एप्पल
❌ अमेज़न
❌ फोर्ड
❌ नाइकी
❌ स्टारबक्स
❌ जिलेट
❌ जनरल मोटर्स
❌ एमवे
❌ मेबेलिन न्यू यॉर्क (कॉस्मेटिक्स)
सोशल मीडिया यूजर्स इन कंपनियों के उत्पादों के बहिष्कार की अपील करते हुए हैशटैग और ऑनलाइन कैंपेन चला रहे हैं। कई लोग इसे भारत के हित में एक आर्थिक जवाब मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे भावनात्मक प्रतिक्रिया बताते हैं। अब यह देखना होगा कि जमीनी स्तर पर यह मुहिम क्या रंग लाती है।
स्वदेशी जागरण मंच की अपील
इस बीच, स्वदेशी जागरण मंच ने भी आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए एक मुहिम शुरू की है। संगठन ने देशवासियों से आग्रह किया है कि जन्माष्टमी, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों पर केवल स्वदेशी वस्तुएं खरीदें और उपहार में दें। मंच का कहना है कि “आर्थिक राष्ट्रनिर्माण की शुरुआत हमारे उपभोग से होती है। विदेशी वस्तुएं खरीदने से न केवल हमारा धन देश से बाहर जाता है, बल्कि वह धन आतंकवाद और उग्रवाद को भी पोषण दे सकता है। अपने व्यवहार और उपभोग से देश को आगे बढ़ाएं। हमारे पूर्वजों ने जिन सपनों के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, हमें वैसा ही भारत बनाना है। आज से ही एक शुरुआत करें और सुंदर भारत निर्माण में अपना सहयोग दें। भारत माता की जय।”


















