चंडीगढ़: हिंदू नव वर्ष (विक्रमी संवत 2083) और चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के शुभ आगमन के अवसर पर चंडीगढ़ में एक सामूहिक एवं भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘हिंदू पर्व महासभा, चंडीगढ़’ के अध्यक्ष बी.पी. अरोड़ा, महासचिव कमलेश चंद्र सूरी, समस्त कार्यकारिणी और शहर के सभी मंदिरों के विशेष सहयोग से यह कार्यक्रम सेक्टर 23-बी स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
शाम 6:30 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शहर भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता शैलपुत्री (नवरात्र का प्रथम दिन) व नव संवत्सर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजन, प्रवचन और ‘माता की चौकी’ से भक्तिमय हुआ वातावरण कार्यक्रम की शुरुआत संगीतमय भजनों से हुई:
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भजन संध्या: प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी सुमधुर आवाज में भक्तिरस की ऐसी अमृतवर्षा की कि उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
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आध्यात्मिक प्रवचन: इसके पश्चात ‘अंतर्राष्ट्रीय ब्रह्म ऋषि मिशन’ (सेक्टर 19) की अध्यक्ष ब्रह्मावादिनी स्वामी कृष्ण कांता जी महाराज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को प्रवचन दिए। उन्होंने सनातन धर्म के मूल्यों, आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत के प्रति लोगों को जागरूक किया।
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माता की चौकी: ‘बालाजी प्रचार मंडल’ के अध्यक्ष श्री सुनील अरोड़ा द्वारा ‘माता की चौकी’ का सुंदर आयोजन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को पूर्णतया भक्तिमय बना दिया।
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विशाल भंडारा: कार्यक्रम के समापन पर श्री सनातन धर्म मंदिर (सेक्टर 23-बी) प्रबंधन द्वारा सभी भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए एक स्वादिष्ट एवं अटूट भंडारे (लंगर) की व्यवस्था की गई।
शहर भर के मंदिरों में सुबह से ही रही रौनक महासभा के अध्यक्ष श्री अरोड़ा और महासचिव श्री सूरी ने बताया कि नव वर्ष के स्वागत में शहर के सभी मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई थीं:
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प्रातःकाल से ही मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
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सभी मंदिरों को भव्य रोशनी (Lighting) से जगमगाया गया था।
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दर्शनार्थियों के स्वागत के लिए मंदिरों में तिलक लगाने की विशेष व्यवस्था की गई और सभी श्रद्धालुओं के बीच ‘खीर’ का प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में इन गणमान्य सदस्यों की रही उपस्थिति इस सामूहिक और सफल आयोजन में हिंदू पर्व महासभा के सभी प्रमुख सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से अध्यक्ष बी.पी. अरोड़ा, महासचिव कमलेश चंद्र सूरी, मुख्य संरक्षक रमेश मल्होत्रा, वाई.के. सरना, लक्ष्मी नारायण सिंगला, आदर्श कुमार, राजेंद्र गुप्ता, रतनलाल, रामधन अग्रवाल, आर.के. सूद, देस राज बंसल, राजेंद्र गुप्ता (मंडी वाले), अजय कौशिक, अनुज कुमार सहगल, संजीव कुमार, एस.सी. गुप्ता, मोहनलाल गौर, विनोद कुमार चड्ढा, हर्ष कुमार, अरुणेश अग्रवाल, धर्मपाल शर्मा, विनय कपूर, विवेक कपूरिया, कन्हैया गोयल, इंद्रजीत शर्मा, जी.के. गिरधर, के.एल. मदान और आर.एल. गुप्ता शामिल रहे।














