हैंडबॉल में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार
भोपाल/चंडीगढ़ — चंडीगढ़ के मूल निवासी और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत कुणाल को भोपाल के एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में आयोजित 4th स्पोर्ट्स अचीवर अवॉर्ड समारोह में सम्मानित किया गया। हैंडबॉल खेल में उनके उत्कृष्ट योगदान और वर्षों के समर्पण को मान्यता देते हुए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें प्रदान किया गया।
यह समारोह हॉकी के महान खिलाड़ी स्वर्गीय ध्यानचंद के छोटे भाई स्वर्गीय कैप्टन रूप सिंह की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कुणाल को यह सम्मान मेजर ध्यानचंद के पुत्र और हॉकी के दिग्गज अशोक ध्यानचंद ने अपने कर कमलों से प्रदान किया।
हैंडबॉल में अद्वितीय करियर
वर्तमान में जयपुर स्थित सीआईएसएफ की 8वीं रिजर्व बटालियन में कार्यरत इंस्पेक्टर कुणाल ने हैंडबॉल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। 2011 से 2016 तक वे सीआईएसएफ की सेंट्रल हैंडबॉल टीम के प्रमुख खिलाड़ी और कोच रहे, जबकि 2017 से अगस्त 2025 तक उन्होंने मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दीं।
प्रमुख उपलब्धियां:
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर:
- भारत को छठी राष्ट्रमंडल युवा हैंडबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक दिलाया
- 15वें एशियाई खेल (दोहा, कतर – 2006) और छठी एसएआर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट (हांगकांग – 2006) में भारत का प्रतिनिधित्व किया
- 16वीं जूनियर एशियाई पुरुष हैंडबॉल चैंपियनशिप (ओमान, 2018) में भारतीय टीम के कोच रहे
राष्ट्रीय स्तर पर:
- शहीद राजीव पांडे राज्य खेल पुरस्कार (छत्तीसगढ़ सरकार, 2005-06)
- प्रशस्ति पत्र (चंडीगढ़ प्रशासन, 1995-96)
- अखिल भारतीय पुलिस खेल, सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता, फेडरेशन कप और राष्ट्रीय खेलों में कई पदक विजेता
खेल भावना और प्रेरणा
एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स डायरेक्टर पंकज जैन ने कहा, “यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जो न केवल खेल में उच्च प्रदर्शन करते हैं, बल्कि खेलों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहते हैं। इंस्पेक्टर कुणाल का योगदान इसी भावना का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि कुणाल की उपलब्धियाँ न केवल सीआईएसएफ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। खेल के क्षेत्र में उनका समर्पण और अनुशासन युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है, जो खेल को अपना करियर बनाना चाहते हैं।



















