चण्डीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) द्वारा आयोजित इंटर-कॉलेज हैंडबॉल टूर्नामेंट का 9 से 12 फरवरी तक पीयू कैंपस ग्राउंड में सफल आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चण्डीगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर पहला स्थान हासिल किया।
फाइनल मुकाबले का रोमांच फाइनल मैच में डीएवी कॉलेज का मुकाबला एसडी कॉलेज, सेक्टर-32 से हुआ। डीएवी कॉलेज ने एकतरफा मुकाबले में एसडी कॉलेज को 26-16 के स्कोर से हराकर खिताब अपने नाम किया। एसडी कॉलेज, सेक्टर-32 को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा, जबकि पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की टीम तीसरे स्थान पर रही।
मुख्य स्कोरर (Top Scorers) फाइनल मैच में डीएवी कॉलेज की ओर से प्रिया (7 गोल), जानवी शर्मा (6 गोल), जेसिका शर्मा (5 गोल), काशवी भारद्वाज (3 गोल), कृतिका (3 गोल) और रोहिणी (2 गोल) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, एसडी कॉलेज की तरफ से आशना मेहरा (5 गोल), सबिता (3 गोल), कोमल (3 गोल), सुहानी नेगी (2 गोल), तन्नू (2 गोल) और सनोवर (1 गोल) ने गोल दागे। उल्लेखनीय है कि आशना मेहरा और सुहानी नेगी कोच मानवप्रीत सिंह बावा की प्रशिक्षु (Trainees) हैं।
कोच और अधिकारियों ने दी बधाई इस अवसर पर खेल विभाग, चण्डीगढ़ प्रशासन के हैंडबॉल कोच मानवप्रीत सिंह बावा ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों के समर्पण और टीम वर्क का परिणाम है। उन्होंने युवाओं को हैंडबॉल खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे तेज खेलों में से एक है और ओलंपिक खेल भी है, जो फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का बेहतरीन मंच प्रदान करता है।
चण्डीगढ़ हैंडबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त जिला खेल अधिकारी रविंद्र सिंह और सचिव नरेंद्र सिंह ने भी खिलाड़ियों और अधिकारियों को बधाई दी। रविंद्र सिंह ने खिलाड़ियों को और अधिक कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि हैंडबॉल गति, शक्ति और मानसिक दृढ़ता का खेल है।
पुरस्कार वितरण और डीएवी की वापसी विजेता खिलाड़ियों को पंजाब यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स डायरेक्टर डॉ. राकेश मलिक, देव समाज कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. नीरू मलिक और पीयू के फिजिकल एजुकेशन प्रोफेसर डॉ. गुरमीत ने पुरस्कार वितरित किए।
डीएवी कॉलेज के फिजिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष डॉ. अमनेन्द्र मान और गेम इंचार्ज डॉ. योगेश ने टीम की इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उपविजेता रहने के बाद, टीम ने कड़ी मेहनत के दम पर तीन साल बाद यह चैंपियनशिप टाइटल दोबारा हासिल किया है।














