धराली, उत्तराखंड, 10 अगस्त 2025 —उत्तराखंड के धराली गांव में हाल ही में आई आपदा के बाद जनजीवन अभी भी पटरी पर लौटने में समय लेगा। गांव के जिन लोगों ने इस आपदा से अपनी जान बचाई है, उनके लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था धराली के मंदिर में की गई है। भोजन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचाने का काम स्वयंसेवक अपने कंधों पर राशन की बोरियां ढोकर कर रहे हैं।

यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि मंदिर तक पहुंचने का रास्ता कीचड़, पानी और फिसलन भरे पत्थरों से होकर गुजरता है। इसके बावजूद राहत कार्यकर्ता लगातार प्रयासरत हैं कि किसी भी व्यक्ति को भोजन की कमी न हो।
उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक राहत कार्यों में जुटे हैं। 70 वर्ष की आयु में भी विभाग संघचालक गुलाब सिंह नेगी जी नौजवानों की भांति सेवा कार्य में सक्रिय हैं। उनका यह समर्पण स्वयंसेवकों को ऊर्जा और प्रेरणा देने वाला उदाहरण बन गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता आपदा के तुरंत बाद राहत कार्य में जुट गए थे, लेकिन धराली पहुंचने की अनुमति उन्हें 10 अगस्त को मिली। अनुमति मिलते ही गांव में एक सहायता केंद्र स्थापित किया गया है, जहां से जरूरतमंदों को मदद और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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