चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया है। इस बजट की खास बात यह रही कि इसमें ‘बजट पूर्व परामर्श’ के दौरान जनता और विशेषज्ञों से मिले 5,000 महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल किया गया है। बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ कृषि, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और विश्व बैंक (World Bank) समर्थित बड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
अर्थव्यवस्था और राजकोषीय स्थिति:
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बजट का आकार: वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,23,658.17 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। (तुलनात्मक रूप से 2025-26 का कुल बजट 2,05,017 करोड़ था)।
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राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए इसे 4293.17 करोड़ रुपये (GDP का 2.65%) तक सीमित रखने का प्रस्ताव किया है, जो पिछले वर्ष (2.66%) के मुकाबले कम है। राजस्व घाटा 0.87% और पूंजीगत व्यय 1.86% रहने का अनुमान है।
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केंद्रीय करों में हिस्सेदारी: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 2026 से 2031 तक हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.361% होगा, जो राज्य के राजस्व का अहम स्रोत है।
कृषि, किसान और ग्रामीण विकास: किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं:
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फसल विविधीकरण को बढ़ावा: जो किसान धान छोड़कर दालें, तिलहन या कपास उगाएंगे, उन्हें 2000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
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गन्ना और बागवानी: गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत किसानों की प्रोत्साहन राशि 3000 से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना का मुआवजा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ किया जाएगा।
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कृषि भूमि का विस्तार: भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम व अन्य जिलों में 1.40 लाख एकड़ अतिरिक्त भूमि को खेती लायक बनाया जाएगा।
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पशुपालन एवं डेयरी: हिसार में 30 करोड़ की लागत से पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र बनेगा। राज्य में 2000 नए वीटा बूथ और मिल्क बार खोले जाएंगे।
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सहकारिता और ग्राम सभा: वर्ष 2026-27 से ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक में 6 नए कार्यों पर चर्चा अनिवार्य होगी। घाटे में चल रही कम से कम 300 पैक्स (PACS) को लाभ में लाने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम एवं निर्माण सहकारी समितियों को 4000 करोड़ के सरकारी कार्य आवंटित किए जाएंगे।
विश्व बैंक समर्थित बड़ी परियोजनाएं (World Bank Projects):
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स्वच्छ हवा: वायु प्रदूषण रोकने के लिए ‘हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट’ को विश्व बैंक से 2716 करोड़ रुपये की सहयोग राशि मिलेगी (2031 तक)।
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जल और AI मिशन: अक्टूबर 2026 तक ‘वाटर सिक्योर हरियाणा’ (Water Secure Haryana) प्रोजेक्ट के लिए 5715 करोड़ और ‘हरियाणा AI मिशन’ के लिए 474 करोड़ रुपये की मंजूरी भी विश्व बैंक से मिल जाएगी।
प्रमुख विभागों का बजट आवंटन (Budget Allocations):
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण: 32.89% की भारी वृद्धि के साथ 14,007.29 करोड़ का प्रस्ताव (आयुष, चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहित)।
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शिक्षा: मौलिक शिक्षा के लिए 10,855.48 करोड़, सेकेंडरी शिक्षा के लिए 7862.41 करोड़ और उच्चतर शिक्षा के लिए 4197.38 करोड़ का आवंटन।
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बुनियादी ढांचा: लोक निर्माण (PWD) का बजट 22% बढ़ाकर 5893.66 करोड़, पंचायती राज व ग्रामीण विकास का बजट 22.88% बढ़ाकर 8703.75 करोड़ और सिंचाई विभाग का बजट 6446.57 करोड़ किया गया है।
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खेल एवं युवा सशक्तिकरण: 37.22% की वृद्धि के साथ 2200.63 करोड़ रुपये का आवंटन।
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उद्योग और रोजगार: ब्लॉक आधारित लोकेशन वर्गीकरण समाप्त कर सभी ब्लॉकों में औद्योगिक निवेश पर वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी और ‘सक्षम’ नाम से 500 करोड़ का एक विशेष फंड स्थापित होगा।
कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों के आश्रितों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) हेतु आय की वर्तमान सीमा 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रतिमाह करने का बड़ा प्रस्ताव रखा गया है।














