Tuesday, July 28, 2026
  • Login
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World
No Result
View All Result
TheIndiaPost
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World
No Result
View All Result
TheIndiaPost
No Result
View All Result
Home Agriculture

फल तुड़ाई के बाद सही कटाई-छंटाई से आम का उत्पादन बढ़ाएं, कीट और रोग घटाएं

The India Post by The India Post
June 24, 2025
in Agriculture
0
फल तुड़ाई के बाद सही कटाई-छंटाई से आम का उत्पादन बढ़ाएं, कीट और रोग घटाएं
407
SHARES
3.1k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

READ ALSO

कपूर का पेड़: घर के आसपास प्रकृति का सुगंधित वरदान

From Simdega to London: Jharkhand’s Women-Led Farm Group Flags Off First Historic Mango Export to UK

प्रोफेसर (डॉ) एस.के. सिंह : आम को फलों का राजा कहते हैं ।भारत में आम की खेती 2258 हजार हेक्टेयर में होती है, जिससे कुल 21822 हजार मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त होता है ।भारत में आम की उत्पादकता 9.7 टन/हेक्टेयर है।बिहार में आम की खेती 149 हजार हेक्टेयर होती तथा कुल उत्पादन 2443 हजार टन है।बिहार में आम की उत्पादकता 16.37टन/हेक्टेयर है, जो राष्ट्रीय उत्पादकता से बहुत ज्यादा है।फलों की तुड़ाई के उपरांत बागों का प्रबंधन कैसे किया जाय, यह एक महत्त्व पूर्ण प्रश्नं है। क्योकि अभी किया हुआ बाग का प्रबंधन ही निर्धारित करेगा की अगले साल पेड़ पर कितने फल लगेंगे तथा उनकी गुणवक्ता कैसी होगी। आम की खेती की लाभप्रदता मुख्य रूप से समय पर बाग में किये जाने वाले विभिन्न कृषि कार्यो पर निर्भर करती है। एक भी कृषि कार्य या गतिविधि में देरी से बागवान को भारी नुकसान होता है और लाभहीन उद्यम हो कर रह जाता है।

फलों की तुड़ाई के बाद कटाई छंटाई करना अनिवार्य

फलों की तुड़ाई के बाद, खेत की अच्छी तरह से जुताई करनी चाहिए । रोगग्रस्त ,सुखी टहनियों की करें कटाई छंटाई एवं यदि संभव हो तो पेड़ का आकार छाते जैसा रक्खे। विगत दो तीन सालों से देखा जा रहा है की वातावरण में अत्यधिक नमी एवं अत्बधिक बरसात की वजह से आम के बागवान को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसकी कई वजहों में से एक वजह यह है की कई बागों में सूर्य की किरणे जमीन की सतह तक नही पहुंच पा रही है । बाग बहुत घने हो गए है। अतः पेड़ की कुछ डालियों को काट कर इस तरह से बनाए की सूर्य की किरणे समान रूप से सभी टहनियों पर पड़े एवं बाग़ में जमींन तक पहुचे । उत्तर प्रदेश एवं बिहार के अधिकांश किसान बागों की कटाई छंटाई नही करते है।अक्सर देखा जाता है की अधिक टहनियों के निकलने की वजह से एवं एक दूसरे के ऊपर चढ़े होने की वजह से पेड़ का छत्रप इतना घना हो जाता है की सूर्य की किरणे भी आर पार मुश्किल से हो पाती है। एसी अवस्था में आवश्यक है की बीच बीच की टहनियों को निकाल दे,जिससे की रोशनी आसानी से आर पार हो सके। ऐसा करने से बाग में अत्यधिक नमी नही बनाने पाती हैं।लगभग 30 से 35 डिग्री का तापक्रम एवं 80 प्रतिशत से अधिक नमी अधिकांश रोग एवं कीटो के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। कटाई छंटाई करने से अधिक मंजर भी आते है एवं बाग से रोग एवं कीटों की जनसंख्या में भी भारी कमी आती है।

आम के पेड़ों के लिए कटाई छंटाई ज़रूरी बागवानी पद्धतियाँ हैं, खास तौर पर कटाई के बाद। ये तकनीकें स्वस्थ विकास सुनिश्चित करती हैं, फलों के उत्पादन को बढ़ाती हैं और पेड़ की संरचना को बनाए रखती हैं। फल की तुड़ाई के बाद आम के पेड़ों की कटाई छंटाई कैसे करे ….

कटाई छंटाई का महत्व

कटाई से पेड़ की वृद्धि को एक मज़बूत संरचना विकसित करने के लिए मदद मिलती है, जबकि छंटाई में पेड़ के कुछ हिस्सों, जैसे शाखाओं, टहनियों या जड़ों को चुनिंदा रूप से हटाना शामिल है।

दोनों ही कार्य निम्न के लिए महत्वपूर्ण हैं

बेहतर वायु परिसंचरण: छत्र (कनोपी) के माध्यम से बेहतर वायु प्रवाह की अनुमति देकर फंगल रोगों के जोखिम को कम करता है।

बढ़ी हुई सूर्य की रोशनी का प्रवेश: यह सुनिश्चित करता है कि आंतरिक शाखाओं को पर्याप्त धूप मिले, जिससे बेहतर प्रकाश संश्लेषण को बढ़ावा मिले।

बढ़ी हुई फल गुणवत्ता: अनुत्पादक या भीड़भाड़ वाली शाखाओं को हटाकर, पेड़ अपनी ऊर्जा को उच्च गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन पर केंद्रित करता है।

कीट और रोग प्रबंधन: कटाई छंटाई पेड़ के रोगग्रस्त या संक्रमित हिस्सों को हटाने में मदद करती है, जिससे कीटों और बीमारियों का प्रसार कम होता है।

आसान कटाई: एक अच्छी तरह से कटाई छंटाई किए गए पेड़ को प्रबंधित करना और फल की तुड़ाई करना आसान होता है।

समय

फलों की कटाई के तुरंत बाद कटाई छंटाई की जानी चाहिए। यह समय सुनिश्चित करता है कि पेड़ अगले फूल के मौसम से पहले ठीक हो सकता है।

आवश्यक उपकरण

1. छोटी शाखाओं के लिए छंटाई कैंची

2. मध्यम आकार की शाखाओं के लिए लोपर

3. बड़ी शाखाओं के लिए छंटाई आरी

4. रोग फैलने से रोकने के लिए उपकरणों के लिए कीटाणुनाशक

कटाई छंटाई के चरण

1. पेड़ का आकलन करें

पेड़ की समग्र संरचना का मूल्यांकन करके और उन शाखाओं की पहचान करके शुरू करें जिन्हें हटाने या कटाई की आवश्यकता है जैसे मृत, रोगग्रस्त या क्षतिग्रस्त शाखाएँ, क्रॉस या रगड़ने वाली शाखाएँ

2. मृत और रोगग्रस्त लकड़ी को हटा दें

रोगजनकों के प्रसार को रोकने के लिए किसी भी मृत या रोगग्रस्त शाखाओं को काट दें। सुनिश्चित करें कि उपचार को बढ़ावा देने के लिए शाखा के आधार पर या कली के ठीक ऊपर कटौती की जाए।

3. अवांछित वृद्धि को हटाएँ

अवांछित शाखावों को हटाएँ, क्योंकि वे फल उत्पादन में योगदान दिए बिना पेड़ के संसाधनों को खत्म करते हैं। प्रकाश प्रवेश और वायु परिसंचरण को बेहतर बनाने के लिए पेड़ के केंद्र की ओर बढ़ने वाली किसी भी शाखा को हटा दें।

4. पेड़ को आकार दें

एक संतुलित संरचना बनाने पर ध्यान दें। युवा पेड़ों के लिए, केंद्रीय लीडर सिस्टम या ओपन-सेंटर सिस्टम का उपयोग करें…

केंद्रीय लीडर सिस्टम: अच्छी तरह से फैली हुई पार्श्व शाखाओं के साथ एक एकल प्रमुख ट्रंक बनाए रखना।

ओपन-सेंटर सिस्टम: अधिक सूर्य के प्रकाश प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए फूलदान का आकार बनाने के लिए केंद्रीय लीडर को हटा देता है। परिपक्व पेड़ों के लिए, मौजूदा संरचना का पालन करें लेकिन पेड़ के चारों ओर शाखाओं का संतुलन सुनिश्चित करें।

4. थिनिंग और हेडिंग कट्स

थिनिंग कट्स: मूल बिंदु पर पूरी शाखाओं को हटा दें। यह अत्यधिक नई वृद्धि को उत्तेजित किए बिना घनत्व को कम करता है।

हेडिंग कट्स: कली या पार्श्व शाखा को वापस काटकर शाखाओं को छोटा करें। यह झाड़ीदार विकास को प्रोत्साहित करता है और इसका उपयोग पेड़ की ऊंचाई और फैलाव को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

5. छतरी के आकार का प्रबंधन

कटाई और रखरखाव में आसानी के लिए पेड़ को प्रबंधनीय ऊंचाई (3-4 मीटर) पर बनाए रखें, सबसे ऊंची शाखाओं को काटकर ऊंचाई कम करें।

6. साफ करें और सील करें

छंटाई के बाद, बीमारी फैलने से रोकने के लिए ब्लीच के घोल या रबिंग अल्कोहल से औजारों को कीटाणुरहित करें। बड़े कट के लिए, संक्रमण से बचाने के लिए घाव पर बोर्डो पेस्ट या कॉपर ऑक्सी क्लोराइड का गाढ़ा लेप लगाएं।

कटाई छंटाई के बाद देखभाल

पानी देना: सुनिश्चित करें कि पेड़ को पर्याप्त पानी मिले, खासकर सूखे मौसम के दौरान। इससे उसे छंटाई के तनाव से उबरने में मदद मिलती है।

उर्वरक: नई वृद्धि को बढ़ावा देने और पेड़ को अगले फलने के मौसम के लिए तैयार करने के लिए संतुलित उर्वरक डालें।

कीट और रोग निगरानी: कीटों या बीमारियों के संकेतों के लिए नियमित रूप से पेड़ का निरीक्षण करें और उन्हें नियंत्रित करने के लिए उचित उपाय करें।

आम के पेड़ों की कटाई छंटाई कार्य हमेशा वैज्ञानिकों या एक्सपर्ट की देखरेख मे ही करना चाहिए अन्यथा नुकसान भी हो सकता है ।

सारांश

कटाई के बाद आम के पेड़ों को कटाई छंटाई करना उनके स्वास्थ्य और उत्पादकता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ऊपर बताए गए चरणों का पालन करके, आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके आम के पेड़ मज़बूत रहें, उच्च गुणवत्ता वाले फल दें और एक प्रबंधनीय संरचना रखें। उचित समय पर की गई कटाई छंटाई न केवल फलों की पैदावार बढ़ाती है बल्कि पेड़ की उत्पादक आयु भी बढ़ाती है। कटाई छंटाई के बाद नियमित निगरानी और देखभाल आम के बाग की समग्र स्वास्थ के लिए अनिवार्य है।

आम के पेड़ों की कटाई छंटाई कार्य हमेशा वैज्ञानिकों या एक्सपर्ट की देखरेख मे ही करना चाहिए अन्यथा नुकसान भी हो सकता है ।

प्रोफेसर (डॉ) एस.के. सिंह : वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं प्रमुख फल रोग विशेषज्ञ,पूर्व प्रधान अन्वेषक, अखिल भारतीय फल अनुसंधान परियोजना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा-848125, समस्तीपुर, बिहार

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…
Tags: pruning and trimming

Related Posts

कपूर का पेड़: घर के आसपास प्रकृति का सुगंधित वरदान
Agriculture

कपूर का पेड़: घर के आसपास प्रकृति का सुगंधित वरदान

June 21, 2026
From Simdega to London: Jharkhand’s Women-Led Farm Group Flags Off First Historic Mango Export to UK
Agriculture

From Simdega to London: Jharkhand’s Women-Led Farm Group Flags Off First Historic Mango Export to UK

June 8, 2026
Union Minister Shivraj Singh Chouhan Launches ‘Khet Bachao Abhiyan’ as a National Movement to Revitalize Indian Farmlands
Agriculture

Union Minister Shivraj Singh Chouhan Launches ‘Khet Bachao Abhiyan’ as a National Movement to Revitalize Indian Farmlands

May 30, 2026
मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए आईसीएआर ने तेज किया संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान
Agriculture

मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए आईसीएआर ने तेज किया संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान

May 21, 2026
Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan Meets Punjab CM Bhagwant Mann to Discuss Crop Diversification and Sustainable Farming
Agriculture

Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan Meets Punjab CM Bhagwant Mann to Discuss Crop Diversification and Sustainable Farming

May 14, 2026
उत्तराखंड में भांग (Hemp) की वैध खेती: जानिए किसानों और कंपनियों को कैसे मिलेगा लाइसेंस और क्या हैं सरकार के सख्त नियम
Agriculture

उत्तराखंड में भांग (Hemp) की वैध खेती: जानिए किसानों और कंपनियों को कैसे मिलेगा लाइसेंस और क्या हैं सरकार के सख्त नियम

April 2, 2026

POPULAR NEWS

Applicants Face Technical Glitch During Udyam MSME Registration; CBDT Server Downtime Causes Delays

Applicants Face Technical Glitch During Udyam MSME Registration; CBDT Server Downtime Causes Delays

July 17, 2025
Prof. Gurvinder Pal Thami Appointed Medical Superintendent of Govt. Medical College & Hospital, Sector-32, Chandigarh

Prof. Gurvinder Pal Thami Appointed Medical Superintendent of Govt. Medical College & Hospital, Sector-32, Chandigarh

December 12, 2024
उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

उत्तर भारत में आम के फूल खिलने से पूर्व एवं खिलने के दौरान की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

December 6, 2024
“स्वादिष्ट तरीके से रक्त शर्करा (डायबिटिक) को नियंत्रित करें अपनी प्लेट में मशरूम शामिल करें “

“स्वादिष्ट तरीके से रक्त शर्करा (डायबिटिक) को नियंत्रित करें अपनी प्लेट में मशरूम शामिल करें “

December 6, 2024
“पौधों की बीमारियों के खिलाफ प्रकृति की ढाल को सशक्त बनाना – ट्राइकोडर्मा को बढ़ाने का (बहुगुणन) सबसे आसान तरीका जानें”

“पौधों की बीमारियों के खिलाफ प्रकृति की ढाल को सशक्त बनाना – ट्राइकोडर्मा को बढ़ाने का (बहुगुणन) सबसे आसान तरीका जानें”

December 6, 2024

EDITOR'S PICK

U.S. Auto Safety Regulator Launches Investigation into 2.4 Million Tesla Vehicles Over FSD-Related Collisions

U.S. Auto Safety Regulator Launches Investigation into 2.4 Million Tesla Vehicles Over FSD-Related Collisions

October 19, 2024
Dr. Devinder Singh Appointed as Vice Chancellor of Dr. B.R. Ambedkar National Law University, Sonipat

Dr. Devinder Singh Appointed as Vice Chancellor of Dr. B.R. Ambedkar National Law University, Sonipat

May 23, 2025
BJP releases manifesto for Haryana polls

सर्वाइकल कैंसर के खात्मे के लिए भारत प्रतिबद्ध

March 5, 2026
समग्र शिक्षा योजना के तहत देशभर में 1.46 लाख स्मार्ट क्लासरूम को मंजूरी, ग्रामीण शिक्षा के डिजिटलीकरण को मिलेगी रफ्तार

समग्र शिक्षा योजना के तहत देशभर में 1.46 लाख स्मार्ट क्लासरूम को मंजूरी, ग्रामीण शिक्षा के डिजिटलीकरण को मिलेगी रफ्तार

July 29, 2025

About

TheIndiaPost is India’s leading trilingual (English,Hindi and Punjabi) news platform for latest news, features, and breaking stories. Send your press notes to theindiapost@gmail.com

Follow us

Categories

  • AAP
  • Agriculture
  • Article
  • BJP
  • Business
  • Chandigarh
  • Congress
  • Defence
  • Education
  • Haryana
  • Headline
  • Health
  • Himachal
  • Madhya Pradesh
  • Nation
  • North East
  • Politics
  • Property
  • Punjab
  • SAD
  • Sports
  • Technology
  • Tolet
  • Uncategorized
  • Uttar Pradesh
  • Uttarakhand
  • World

Recent Posts

  • ‘गो सम्मान अभियान’ के तहत 3.28 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन चंडीगढ़ प्रशासन को सौंपा
  • PM Modi Meets Skyroot Founders, Hails the ‘Vibrant Spirit’ of India’s Private Space Sector After Historic Vikram-1 Success
  • अकादमिक कैलेंडर के बावजूद पीयू से संबद्ध कॉलेजों में नहीं शुरू हुईं कक्षाएं, यूजीसी नियमों पर उठे सवाल
  • ‘This is Just the Beginning’: CJP Founder Abhijeet Dipke Outlines Future Amid Calls to Protest in Punjab

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Article
  • Agriculture
  • Business
  • Defence
  • Education
  • Health
  • Nation
    • Punjab
    • Haryana
    • Chandigarh
    • Uttarakhand
    • Madhya Pradesh
    • Uttar Pradesh
  • Politics
    • BJP
    • Congress
    • AAP
    • SAD
  • Sports
  • World

© 2026 TIP - India’s leading trilingual news platform for latest news, features, and breaking storiesBharatKiAwaj.

%d