वर्जीनिया, 1 जुलाई 2025: वर्जीनिया का हाउस बिल 2783 आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। यह कानून नाज़ी प्रतीकों के सार्वजनिक प्रदर्शन को अपराध घोषित करता है, यदि उनका उपयोग लोगों को डराने-धमकाने के इरादे से किया गया हो। साथ ही यह कानून हिटलर के हाकेनक्रॉएज़ (Hooked Cross) और विश्व की कई धार्मिक परंपराओं में पूज्य माने जाने वाले पवित्र स्वस्तिक के बीच स्पष्ट अंतर करता है।
वर्जीनिया का हाउस बिल 2783, जो अब 1 जुलाई 2025 से लागू हो चुका है, नाज़ी प्रतीकों—विशेष रूप से हाकेनक्रॉएज़—के डराने-धमकाने के उद्देश्य से प्रदर्शन पर रोक लगाता है। इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर संशोधित § 18.2-423.1 वर्जीनिया कोड के तहत क्लास 6 फ़ेलोनी मानी जाएगी। (BillTrack50, India Today)
मुख्य प्रावधान
- बिना अनुमति नाज़ी प्रतीक (हाकेनक्रॉएज़ या उससे मिलते-जुलते चिह्न) किसी भी निजी संपत्ति, सार्वजनिक स्थल, राजमार्ग, धार्मिक स्थलों, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों या अन्य स्थानों पर लगाना, यदि उसका उद्देश्य डराना-धमकाना है, अवैध होगा। (BillTrack50, TrackBill)
- कानून स्पष्ट करता है कि यह प्रतिबंध हिन्दू, बौद्ध, जैन, ज़ोरोएस्ट्रियन और मूल अमेरिकी धार्मिक परंपराओं में पूज्य स्वस्तिक पर लागू नहीं होगा। (BillTrack50, India Today)
सांस्कृतिक संवेदनशीलता और शब्दावली में सुधार
कानून के शुरुआती मसौदे में नाज़ी प्रतीक को “आम तौर पर स्वस्तिक कहा जाता है” बताया गया था, जिससे पवित्र स्वस्तिक के साथ भ्रम की स्थिति बन रही थी। समुदाय और धार्मिक संगठनों के दबाव के बाद भाषा में सुधार किया गया:
- “हाकेनक्रॉएज़” (जर्मन शब्द, जिसका अर्थ है Hooked Cross) का उपयोग किया गया।
- “आम तौर पर कहा जाता है” को बदलकर “कभी-कभी कहा जाता है” किया गया।
- एक स्पष्ट अपवाद प्रावधान जोड़ा गया, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में पूज्य स्वस्तिक की पवित्रता सुरक्षित रहे। (CoHNA, India Today, TrackBill)
विधायी प्रक्रिया और समर्थन
यह बिल जनवरी 2025 में पेश किया गया था और वर्जीनिया हाउस ऑफ डेलीगेट्स व सीनेट दोनों में सर्वसम्मति से पारित हुआ। Coalition of Hindus of North America (CoHNA) और अन्य अंतरधार्मिक संगठनों ने मिलकर संशोधनों के लिए अभियान चलाया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक अस्मिता सुरक्षित रह सके।
वर्जीनिया के गवर्नर ग्लेन यंगकिन ने इन सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील संशोधनों को स्वीकार किया और 2 अप्रैल 2025 को इस बिल पर हस्ताक्षर करके इसे कानून का रूप दिया। (CoHNA, TrackBill, India Today)



















