नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर “देश बेचने” और “भारत माता का सौदा करने” के गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी के इन तीखे हमलों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन के भीतर और बाहर कड़ा पलटवार किया।
राहुल गांधी के आरोप राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को “होल सेल सरेंडर” (पूरी तरह आत्मसमर्पण) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के माध्यम से सरकार ने भारतीय किसानों के हितों और देश की ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने “भारत माता को बेच दिया है।”
किरेन रिजिजू का करारा जवाब राहुल गांधी के बयान पर भड़कते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “इस दुनिया में ऐसा कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच सके या खरीद सके। ऐसा सोचना भी भारत का अपमान है।” रिजिजू ने राहुल गांधी के भाषण को पूरी तरह से झूठ पर आधारित बताया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के ओछे और तथ्यहीन आरोप नहीं लगाने चाहिए।
विशेषाधिकार हनन (Privilege Notice) की तैयारी किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि वे राहुल गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने और बिना किसी आधार के प्रधानमंत्री और सरकार पर आरोप लगाने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस (Privilege Notice) दाखिल करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि राहुल गांधी के भाषण से असंसदीय और झूठे दावों को सदन की कार्यवाही (Expunge) से निकाला जाए।
विवाद का मुख्य केंद्र विवाद का मुख्य केंद्र हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौता है, जिसे विपक्ष देश के लिए घाटे का सौदा बता रहा है, जबकि सरकार इसे ऐतिहासिक और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर मान रही है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी आदतन झूठ बोलते हैं और सदन में आरोप लगाकर जवाब सुने बिना ही बाहर चले जाते हैं।














