डाक के माध्यम से निर्यात करने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। संचार मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि अब डाक चैनल के जरिए होने वाले निर्यात को भी आधिकारिक रूप से निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं से जोड़ दिया गया है। इससे छोटे उद्योगों, कारीगरों, स्टार्टअप और छोटे निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा, जो कम और मध्यम मूल्य के शिपमेंट के लिए डाक नेटवर्क पर निर्भर रहते हैं।
संचार मंत्रालय के अनुसार, डाक विभाग (DoP) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनुरूप 15 जनवरी 2025 से डाक चैनल से किए गए निर्यात पर ड्यूटी ड्रॉबैक, RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) और RoSCTL (Rebate of State and Central Taxes and Levies) जैसी योजनाओं का लाभ लागू कर दिया है।
सरकार का कहना है कि यह पहल निर्यात को सरल, सस्ता और व्यापक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पहले से लागू स्वचालित IGST रिफंड प्रणाली के साथ अब निर्यात प्रोत्साहन उपलब्ध होने से निर्यातकों की लागत घटेगी, तरलता बेहतर होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
मंत्रालय ने बताया कि डाक चैनल के जरिए निर्यात को डाक घर निर्यात केंद्र (DNK – Dak Ghar Niryat Kendra) योजना के तहत सुगम बनाया जा रहा है। यह डाक विभाग और CBIC की संयुक्त पहल है, जिसके अंतर्गत एक ही स्थान पर बुकिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और सीमा शुल्क निकासी की सुविधा मिलती है। वर्तमान में देशभर में 1,013 डाक घर निर्यात केंद्र संचालित हैं, जो दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान कर रहे हैं।
यह निर्णय भारत के ई-कॉमर्स और छोटे निर्यातकों को नई रफ्तार देने के साथ-साथ निर्यात को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



















