चंडीगढ़, 6 अक्टूबर: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने रूस में फंसे पंजाबी युवकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सांसद संधू ने कहा कि ये युवक कथित तौर पर धोखेबाज एजेंटों द्वारा आकर्षक नौकरियों का झांसा देकर रूस ले जाए गए, जहां उन्हें रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।
चंडीगढ़ में रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद संधू ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय से इन युवकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने चेताया कि ऐसे मामलों में एजेंट युवाओं को फर्जी वीज़ा और झूठे वादों के साथ फँसाते हैं, जो बाद में उन्हें जानलेवा परिस्थितियों में धकेल देते हैं।
‘जमीन बेचकर 3.5 लाख दिए और सेना में भेज दिया गया’ – बूटा सिंह की आपबीती
मोगा ज़िले के चक कनियां कलां गाँव के रहने वाले बूटा सिंह ने सांसद संधू से संपर्क कर अपनी दर्दनाक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि एक एजेंट ने उनसे 3.5 लाख रुपये लेकर रूस में नौकरी का वादा किया था। वहाँ पहुँचने पर उन्हें लुधियाना के समरजीत सिंह और गुरदासपुर के गुरसेवक सिंह के साथ एक दूरस्थ इलाके में ले जाया गया, रूसी भाषा में दस्तावेज़ों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए और सेना के प्रशिक्षण शिविर में भेज दिया गया।
बूटा सिंह ने कहा कि उनके पासपोर्ट ज़ब्त कर लिए गए, उन्हें वर्दी पहनाई गई और युद्ध क्षेत्र में भेजा गया, जहाँ वह ड्रोन हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उनका इलाज मास्को के सिविल अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि लुधियाना के समरजीत सिंह की युद्ध में मृत्यु हो चुकी है।
अब तक 96 भारतीयों की वापसी, 18 अब भी युद्ध क्षेत्र में
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 126 भारतीय नागरिकों को धोखे से रूस ले जाकर सेना में भर्ती किया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रयासों से अब तक 96 युवकों की वापसी संभव हो चुकी है, लेकिन 18 युवक अब भी युद्ध क्षेत्र में हैं, जिनमें से 16 लापता बताए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय से पहले भी बचाव मिशनों में सहयोग
सांसद संधू ने इससे पहले कोलंबिया के कैपुरगाना में पकड़े गए पांच पंजाबी युवकों के मामले में भी विदेश मंत्रालय से सफलतापूर्वक संपर्क कर उन्हें मई 2025 में छुड़वाया था। वे लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और युवाओं की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयासरत हैं।
युवाओं और अभिभावकों से अपील: अवैध मार्गों से बचें, सांसद संधू ने कहा, “बेहतर जीवन की तलाश में युवा अक्सर ऐसे एजेंटों के झांसे में आ जाते हैं जो उन्हें शॉर्टकट दिखाते हैं लेकिन उनकी ज़िंदगी दांव पर लगा देते हैं। मैं युवाओं और उनके माता-पिता से अपील करता हूँ कि वे ऐसे किसी भी अवैध मार्ग को न अपनाएँ और पूरी सतर्कता बरतें।”
सांसद ने विदेश मंत्रालय और भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि रूस में फंसे शेष भारतीय युवकों को भी जल्द सुरक्षित वापस लाया जाएगा।















