तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल ने एक बड़े ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’ के तहत शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी है और आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा गया है।
इन हमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Supreme National Security Council) ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर अपनी जनता से तेहरान और संभावित हमले वाले अन्य बड़े शहरों को तुरंत छोड़ने की अपील की है।
सुरक्षा परिषद की एडवाइजरी और आपातकालीन कदम परिषद द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि इजरायल और अमेरिका के ये खतरनाक ऑपरेशन अभी जारी रह सकते हैं। सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
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शहर छोड़ने की अपील: परिषद ने जनता से कहा है कि वे शांति बनाए रखें और जितना संभव हो सके, सुरक्षित रहने के लिए इन शहरों से निकलकर अन्य केंद्रों या ग्रामीण इलाकों में चले जाएं।
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भीड़भाड़ से बचें: नागरिकों को शॉपिंग सेंटर्स और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इकट्ठा न होने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
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संस्थानों पर पाबंदियां: अगली सूचना तक देश भर के सभी स्कूल और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था को चालू रखने के लिए बैंक खुले रहेंगे और सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता (Staff Capacity) के साथ काम करेंगे।
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आपूर्ति का आश्वासन: सरकार ने दावा किया है कि उसने आपात स्थिति में जनता की सभी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुकम्मल तैयारी कर ली है।
ट्रंप और नेतन्याहू का साझा रुख इन हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो संदेश जारी किए। दोनों ही नेताओं ने इस सैन्य कार्रवाई को जायज ठहराते हुए इसे ‘ईरान की आम जनता के हक में’ बताया है। उनका दावा है कि यह मुहिम दुनिया को आतंकवाद के बड़े खतरे से बचाने के लिए शुरू की गई है।
निर्वासित क्राउन प्रिंस की अपील और घरेलू प्रदर्शनों की आशंका हमलों के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी (Reza Pahlavi) का भी एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर सामने आया है। इसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए ईरानी आवाम से मुश्किल की इस घड़ी में धैर्य और सब्र बनाए रखने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले साल जून में हुई 10 दिनों की लड़ाई के दौरान भी तेहरान से बड़े पैमाने पर लोगों ने गांवों की ओर पलायन किया था। वर्तमान के इस बेहद तनावपूर्ण माहौल में यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि ईरान के भीतर असंतोष भड़क सकता है और लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं।














