झोटवाड़ा (जयपुर) में समारोह संपन्न | युवाओं के संस्कार, सामाजिक विकृतियाँ और विश्वयुद्ध के खतरे पर मार्गदर्शन
जयपुर, 29 सितम्बर 2025 – झोटवाड़ा (जयपुर) में आयोजित एक विशेष आध्यात्मिक समारोह में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने कहा कि “विश्व की बढ़ती हुई विकृतियाँ और तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा केवल साधना से ही टल सकता है।”
इस अवसर पर उन्होंने युवाओं में संस्कारों की आवश्यकता, समाज में बढ़ती अनैतिक प्रवृत्तियाँ तथा अध्यात्म के माध्यम से समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया। वे विशेष रूप से दिल्ली से इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने पधारे थे।
सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने कहा, “आज के माता-पिता अपने बच्चों को संस्कार देने में पिछड़ रहे हैं। मोबाइल, सोशल मीडिया और आभासी दुनिया की नकारात्मकता ने युवा पीढ़ी को भ्रमित कर दिया है। समाज में महिलाओं के प्रति विकृत मानसिकता एक गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले चुकी है।”
उन्होंने आगे चेताया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की संभावनाएँ चिंताजनक हैं। “केवल कालानुसार की गई साधना – जैसे नामजप, प्रार्थना, गुरु की कृपा और सत्सेवा – ही मानवता को इस संकट से उबार सकती है।” उन्होंने आध्यात्मिक अभ्यास को मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति और स्थिरता का मूल आधार बताया।
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। कई साधकों ने अपने साधना अनुभव साझा किए और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।














