चंडीगढ़: उत्तर भारत में सरकारी क्षेत्र का पहला समर्पित वयस्क एवं बुजुर्ग टीकाकरण क्लिनिक सोमवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच)-32, चंडीगढ़ में शुरू किया गया। इस क्लिनिक की स्थापना रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, जीएमसीएच-32 के संयुक्त सहयोग से की गई है। इसका उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब तक उत्तर भारत में वयस्कों के लिए व्यवस्थित टीकाकरण सेवाएं मुख्य रूप से निजी अस्पतालों तक सीमित थीं, जबकि यह सुविधा सरकारी क्षेत्र में उपलब्ध नहीं थी।
विशेषज्ञों ने बताया कि यह धारणा कि टीकाकरण केवल बच्चों के लिए आवश्यक है, सही नहीं है। बचपन में लगने वाले कई टीकों से प्राप्त प्रतिरक्षा समय के साथ कम हो जाती है। वहीं वयस्कों और बुजुर्गों को उम्र, जीवनशैली, यात्रा, कार्यस्थल तथा पहले से मौजूद बीमारियों के कारण कई संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इन्फ्लूएंजा, न्यूमोकोकल निमोनिया, हेपेटाइटिस-ए एवं बी, टाइफाइड, टेटनस, शिंगल्स और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) जैसी बीमारियों से समय पर टीकाकरण के माध्यम से बचाव संभव है।
क्लिनिक में आने वाले प्रत्येक वयस्क और बुजुर्ग का उसकी आयु, स्वास्थ्य स्थिति और जीवनशैली के आधार पर व्यक्तिगत टीकाकरण आकलन (पर्सनलाइज्ड वैक्सीन असेसमेंट) किया जाएगा। इससे अस्पताल में भर्ती होने की संभावनाएं कम होंगी तथा मधुमेह, हृदय रोग और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। साथ ही परिवार और समुदाय में संक्रमण फैलने का जोखिम भी कम होगा।
जीएमसीएच-32, जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, की यह पहल देशभर के सरकारी अस्पतालों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है।
कार्यक्रम में जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. रवनीत कौर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विशाल गुगलानी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. सोनिया पुरी सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट-3080 के विभिन्न क्लबों से लगभग 40 रोटेरियन भी मौजूद रहे। इनमें रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल के अध्यक्ष रोटेरियन विभु भटनागर, एजी आर.एस. चीमा, रोटेरियन वंदना भटनागर, रोटेरियन राजीव अग्रवाल, रोटेरियन शालिनी अग्रवाल तथा रोटेरियन जगदीश अग्रवाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।














