
दूबलधन : राजकीय महाविद्यालय दूबलधन अब युवाओं के करियर निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। कॉलेज में हिंदी और इतिहास विषयों के पीजी कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक विकास मिलेगा, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। यह बात कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कर्मवीर गुलिया ने पीजी कोर्स के दाखिला अभियान की जानकारी देते हुए कही।
डॉ. गुलिया ने बताया कि हिंदी और इतिहास का अध्ययन युवाओं को बौद्धिक समझ, सामान्य ज्ञान और विश्लेषण क्षमता में पारंगत बनाता है। करियर काउंसलर भी आज भाषा और मानविकी विषयों को करियर निर्माण की धुरी मान रहे हैं। हिंदी की पढ़ाई से लेखन, संवाद कौशल, अनुवाद, साहित्यिक आलोचना जैसे गुण विकसित होते हैं, जबकि इतिहास का अध्ययन पुरातत्व, अभिलेखागार, पर्यटन और अनुसंधान के क्षेत्र में अवसर खोलता है।
उन्होंने कहा कि दूबलधन कॉलेज पहले भी प्रशासनिक और अकादमिक अधिकारियों का खजाना रहा है। अब पीजी कोर्स से यहां से निकलने वाले विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल करेंगे।
कॉलेज में लगभग 20,000 पुस्तकों वाला विशाल पुस्तकालय है। इसके अलावा प्लेसमेंट प्रकोष्ठ में 1471 और महिला प्रकोष्ठ में 381 पुस्तकें रोजगार संबंधित जानकारी प्रदान करती हैं। कॉलेज में एनएसएस की दो यूनिट कार्यरत हैं, जिनके प्रभारी डॉ. रणदीप सिंह और डॉ. सरला देवी हैं। वहीं, एनसीसी की इंचार्ज डॉ. सोमवीर, महिला प्रकोष्ठ की इंचार्ज डॉ. रेनु कुमारी और खेल प्रभारी डॉ. मयंक हैं।
कॉलेज का स्टेडियम, पुस्तकालय और अध्ययनकक्ष विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधा प्रदान करते हैं। पीजी हिंदी और इतिहास कोर्स के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल खुल चुका है।
पीजी हिंदी कमेटी में डॉ. सुमन देवी, डॉ. सरला देवी, श्री विजेंद्र और कुमारी अंजलि शामिल हैं, जबकि पीजी इतिहास कमेटी में डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अमित कुमार, श्री तरुण कुमार और कुमार बलराम सदस्य हैं।
डॉ. गुलिया ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों से समय पर दाखिला लेने का आह्वान किया और कहा कि दाखिला अभियान में कॉलेज का पूरा स्टाफ सहयोग करेगा।















