चंडीगढ़: शहर के EWS धनास में रविवार (1 मार्च) को आयोजित ‘विशाल धर्म सम्मेलन’ का समापन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भावनात्मक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस पावन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धर्म व राष्ट्रभक्ति की भावना को आत्मसात किया।
गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान को नमन समापन समारोह का मुख्य आकर्षण सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की पावन शहादत और उनके अद्वितीय बलिदान पर केंद्रित रहा।
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मंच से गुरु साहिब द्वारा धर्म रक्षा हेतु किए गए महान त्याग और उनके परिवार की गौरवगाथा को इतने भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया कि पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
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पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और चारों ओर “बोले सो निहाल… सत श्री अकाल” के जयघोष गूंज उठे।
समाज में बदलाव: ‘5 परिवर्तन’ का संकल्प धार्मिक प्रवचनों के साथ-साथ इस सम्मेलन में समाज सुधार पर भी विशेष जोर दिया गया।
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कार्यक्रम के दौरान “5 परिवर्तन” (समाज में पांच सकारात्मक बदलाव) के संकल्प विषय पर विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई।
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उपस्थित जनसमूह ने इस विचार का अत्यंत उत्साह के साथ समर्थन किया और समाज में एक नई और सकारात्मक दिशा तय करने का सामूहिक संकल्प लिया।
आयोजकों का आभार और भविष्य की रूपरेखा इस सफल और भव्य समापन समारोह ने सभी श्रद्धालुओं के मन में धर्म, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल कर दिया है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित धर्मप्रेमियों, सेवादारों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने यह संकल्प भी लिया कि समाज और धर्म की जागृति के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।














