भारतीय नौसेना की ताकत में जल्द ही एक नया अत्याधुनिक पोत ‘अजय’ जुड़ने वाला है। सोमवार, 21 जुलाई को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) शिपयार्ड में इस एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट का जलावतरण किया गया।
‘अजय’ भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करेगा। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ मटेरियल वाइस एडमिरल किरण देशमुख मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पारंपरिक नौसैनिक परंपरा के अनुसार उनकी पत्नी प्रिया देशमुख ने जलावतरण की रस्म निभाई।
‘अजय’ हुल माउंटेड सोनार और लो फ्रीक्वेंसी वेरिएबल डेप्थ सोनार जैसे अत्याधुनिक सेंसर से लैस है। इसमें उन्नत टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट्स, एनएसजी-30 गन और 12.7 मिमी एसआरसीजी गन जैसी मारक क्षमताएं शामिल हैं। यह डीजल इंजनों और वाटर जेट्स द्वारा संचालित है।
पोत को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन किया गया है, जिसमें 80 प्रतिशत से अधिक सामग्री भारत में निर्मित है। इससे ‘अजय’ न केवल भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस श्रेणी का पहला पोत ‘अर्नाला’ पहले ही 18 जून 2025 को नौसेना में शामिल हो चुका है, जबकि दूसरा पोत अगस्त 2025 तक नौसेना को सौंपा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘अजय’ जैसे पोत हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा और निगरानी को अभूतपूर्व स्तर तक ले जाएंगे।
यह पोत भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, अंडरवॉटर सर्विलांस, और समुद्र में माइन बिछाने की दक्षता को कई गुना बढ़ाएगा।


















