बार्सिलोना/तेहरान: मध्य पूर्व में भड़के भीषण युद्ध के बीच पश्चिमी देशों के भीतर भी अब सैन्य कार्रवाइयों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों (Airstrikes) की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया है।
‘दुनिया युद्ध और असुरक्षा की ओर बढ़ रही है’ बार्सिलोना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पेनिश पीएम ने वैश्विक अस्थिरता पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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उन्होंने कहा, “हम एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं; दुनिया अस्थिरता, असुरक्षा और युद्ध की ओर बढ़ रही है। ऐसे मुश्किल समय में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को ही उठाना पड़ता है।”
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अनदेखी: सांचेज ने स्पष्ट किया कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को विश्वास में लिए बिना ही ईरान पर स्ट्राइक की। (नोट: आपके मूल पाठ में ‘अमेरिका और ईरान ने इजरायल पर’ लिखा था, जो तथ्यात्मक रूप से ‘अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर’ है, जिसे यहाँ सुधारा गया है)।
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खतरनाक सैन्य दखल का विरोध: उन्होंने कहा कि भले ही कोई नफरत फैलाने वाली सरकार (ईरान के संदर्भ में) का विरोध करे, लेकिन इसके साथ ही इस तरह के ‘गलत और खतरनाक सैन्य दखल’ की भी निंदा की जानी चाहिए।
स्पेन और यूरोप की भूमिका तथा शांति की अपील पीएम सांचेज ने तत्काल तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू करने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जहाँ भी ज्यादती होगी, स्पेन और पूरे यूरोप को वहां खड़ा होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इंसानियत एक ऐसे बदलाव की दहलीज पर खड़ी है जो पहले कभी नहीं हुआ, और यह हमें ही तय करना है कि यह बदलाव विकास और बेहतरी के रास्ते पर जाए।
युद्ध के मोर्चे पर ताज़ा हालात (Ground Updates)
28 फरवरी को शुरू हुए इस विनाशकारी संघर्ष के तीसरे दिन भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। युद्ध की आंच अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है:
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ईरान ने ठुकराया बातचीत का प्रस्ताव: ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने उन मीडिया दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिका से वार्ता शुरू करने का प्रयास कर रहा है।
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खाड़ी देशों तक फैली आग: सोमवार को ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी अपने हमले फिर से तेज कर दिए हैं।
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हिजबुल्लाह की एंट्री: इस क्षेत्रीय संघर्ष में अब लेबनान का चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह (Hezbollah) भी सीधे तौर पर शामिल हो गया है।
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अमेरिका-इजरायल का पलटवार: दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल की ओर से भी ईरान और उसके प्रॉक्सी गुटों पर लगातार और भीषण सैन्य कार्रवाई जारी है।














