नई दिल्ली, शुक्रवार: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रही उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार से करीब 35 टन सोना बेच दिया है। आरबीआई ने इन खबरों को “निराधार अफवाह” करार देते हुए लोगों से अपील की कि वे केवल सत्यापित और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट द्वारा की गई एक एक्स पोस्ट में बताया गया कि आरबीआई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी कोई बिक्री नहीं की गई है। फैक्ट चेक यूनिट ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी सूचनाओं से बचें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।
आरबीआई ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा,
“भारतीय रिजर्व बैंक ने पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट के माध्यम से उन दावों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि आरबीआई ने अपने भंडार से 35 टन सोना बेचा है। आरबीआई सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही निराधार अफवाहों के प्रति आगाह करता है। किसी भी जानकारी के लिए कृपया आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।”
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर सोने के बाजार में अस्थिरता और रुचि बढ़ रही है। कई प्रमुख केंद्रीय बैंक हाल के वर्षों में अपने सोने के भंडार में लगातार वृद्धि कर रहे हैं, खासकर उभरती अर्थव्यवस्थाएं जो अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता घटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
आरबीआई के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 31 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह तक देश के गोल्ड रिजर्व का मूल्य बढ़कर 101.72 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कई दशकों का सर्वाधिक स्तर है। बीते एक दशक में यह हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है — पहले यह केवल 7 प्रतिशत थी।



















