मेटा द्वारा हाल ही में स्वीकार की गई व्हाट्सऐप की तकनीकी गड़बड़ी के बीच एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार का अकाउंट कई दिनों से लॉक होने का मामला सामने आया है। मेटा ने माना है कि उसकी स्वचालित मॉडरेशन प्रणाली की त्रुटि के कारण कई वैध यूजर्स के अकाउंट गलत तरीके से “अंडर रिव्यू” में चले गए थे।
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार का व्हाट्सऐप अकाउंट 12 अगस्त को अचानक लॉक हो गया था। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सऐप की ओर से उपलब्ध कराई गई समीक्षा (Review) प्रक्रिया भी पूरी कर दी, लेकिन 17 अगस्त तक उनका अकाउंट सामान्य रूप से चालू नहीं हो सका।
पत्रकार के अनुसार, वह व्हाट्सऐप का उपयोग मुख्य रूप से अपने कार्यालय के आधिकारिक समूहों, पारिवारिक ग्रुपों और कुछ मीडिया समूहों तक ही सीमित रखते हैं। उन्होंने किसी प्रकार की स्पैम गतिविधि, बल्क मैसेजिंग या व्हाट्सऐप की शर्तों के उल्लंघन जैसी कोई गतिविधि नहीं की थी। इसके बावजूद उनका अकाउंट लंबे समय से समीक्षा प्रक्रिया में फंसा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में दुनिया के कई देशों में बड़ी संख्या में व्हाट्सऐप उपयोगकर्ताओं के अकाउंट “अंडर रिव्यू” में चले गए थे। प्रभावित यूजर्स को संदेश मिला था कि उनके अकाउंट की गतिविधियों और डिवाइस की जानकारी की जांच की जा रही है तथा सामान्यतः 24 घंटे के भीतर परिणाम बता दिया जाएगा। हालांकि कई मामलों में यह प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक लंबी चली।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से यह सवाल उठता है कि यदि स्वचालित सिस्टम वैध उपयोगकर्ताओं को भी गलत तरीके से चिन्हित कर रहा है, तो समीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने की आवश्यकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिनका पेशेवर कार्य संचार माध्यमों पर निर्भर है।















