नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एंड वर्ल्ड टुडे-2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत, स्पष्ट विदेश नीति और मजबूत होती अर्थव्यवस्था पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की आर्थिक नीतियों और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर केंद्रीय विकास योजनाओं को रोकने का कड़ा आरोप लगाया।
वैश्विक कूटनीति: ‘हम भारत के पक्ष में हैं’ दुनिया भर में चल रहे संघर्षों और खेमेबाजी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि संकट के इस दौर में भारत ने अभूतपूर्व कूटनीतिक सेतु बनाए हैं।
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विश्वसनीय साथी: उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों से लेकर ग्लोबल वेस्ट और ग्लोबल साउथ से लेकर पड़ोसी देशों तक, भारत आज सभी के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में खड़ा है।
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भारत का रुख: दुनिया द्वारा पूछे जाने वाले सवाल कि “भारत किसके पक्ष में है?” का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम भारत के साथ हैं। हम भारत के हितों के साथ हैं। हम शांति और संवाद के साथ हैं।”
अर्थव्यवस्था और ‘नया आत्मविश्वास’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर आज का भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
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कोरोना महामारी और उसके बाद उपजे वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास से देश चुनौतियों को टालने के बजाय उनका डटकर सामना कर रहा है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं।
विपक्ष पर प्रहार: 2004-2010 के ‘ऑयल बांड’ का मुद्दा अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस नीत यूपीए (UPA) सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की:
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सत्ता बचाने का आरोप: उन्होंने कहा कि 2004 से 2010 के बीच जब पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया, तब कांग्रेस ने देश की नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाने की चिंता की।
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ऑयल बांड का कर्ज: प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय 1,48,000 करोड़ रुपये के ऑयल बांड जारी किए गए, जिसका रीपेमेंट 2020 के बाद होना था। उन्होंने कहा, “बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है। ऐसी लॉन्ड्री आपने देखी नहीं होगी।”
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उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति का मुख्य केंद्र हमेशा ‘विकास का विरोध’ करना रहा है, जिसका अनुभव उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी किया था।
पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार को ‘निर्मम सरकार’ करार देते हुए उन पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए विकास को रोकने का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना, पीएम सूर्य घर बिजली योजना, पीएम आवास योजना और चाय बागान श्रमिकों के लिए लाई गई योजनाओं पर राज्य सरकार ने ‘ब्रेक’ लगाया हुआ है।
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पीएम मोदी ने चिंता व्यक्त की कि जो पश्चिम बंगाल कभी संस्कृति, शिक्षा और उद्योग का हब हुआ करता था, वहां जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता राजनीतिक स्वार्थ को दी जा रही है।














