नई दिल्ली (13 मार्च 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (MoS) प्रतापराव जाधव का एक महत्वपूर्ण लेख साझा किया। इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि कैसे पिछले एक दशक में ‘योग’ (Yoga) केवल एक पारंपरिक कल्याण अभ्यास से आगे बढ़कर स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए एक ‘साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण’ (Evidence-based approach) में बदल गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट करते हुए लिखा, “केंद्रीय राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने विस्तार से बताया है कि पिछले एक दशक में योग किस प्रकार विकसित हुआ है। वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक सहयोग दुनिया को इसके लाभों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर रहे हैं।”
योग का बढ़ता वैज्ञानिक प्रमाण (Scientific Validation) आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने अपने लेख में ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ (निवारक स्वास्थ्य सेवा) में योग की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला है।
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WHO का सहयोग: मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) को 2025-2029 की अवधि के लिए पारंपरिक चिकित्सा (योग) के लिए ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोगी केंद्र’ के रूप में नामित किया गया है।
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अग्रणी संस्थानों के साथ शोध: यह संस्थान AIIMS, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, CCRUM और INMAS जैसे बड़े संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य मधुमेह (Diabetes), मोटापा और तनाव संबंधी विकारों के लिए योग-आधारित दिशा-निर्देश और अनुसंधान विकसित करना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ रही वैश्विक पहुंच तकनीक और योग के तालमेल ने इसे दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचा दिया है:
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mYoga ऐप: WHO के सहयोग से विकसित इस ऐप को विश्व स्तर पर 1.1 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
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Y-Break (वाई-ब्रेक) प्रोटोकॉल: काम के घंटों के दौरान 5 से 10 मिनट के छोटे ‘योग ब्रेक’ से 33 लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों को लाभ हुआ है।
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शोध के परिणाम: Y-Break के नियमित अभ्यास से कुछ ही हफ्तों में तनाव के स्तर में 40 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। इसके साथ ही, यह मानसिक सतर्कता, निर्णय लेने की क्षमता, श्वास दक्षता और ‘कॉर्टिसोल’ (स्ट्रेस हार्मोन) के स्तर में सुधार करता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 100 दिन का काउंटडाउन प्रतापराव जाधव ने बताया कि आज (13 मार्च) से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के लिए 100 दिन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जो लोगों को अपने दैनिक जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित करता है। हाल ही में MDNIY और CCRYN द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा सम्मेलन 2026’ में भी विशेषज्ञों ने योग को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए एक ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप’ के रूप में स्वीकार किया है।
‘ग्लोबल योग क्रांति’ मंत्री ने अपने लेख के अंत में कहा, “परंपरा को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर, योग ‘ग्लोबल योग क्रांति’ के पीछे एक प्रेरक शक्ति के रूप में उभर रहा है और अंतरराष्ट्रीय वेलनेस सेक्टर में भारत के नेतृत्व को मजबूत कर रहा है।”















