ऊना : हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित एलजेएनएच (LJNH) गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में आयोजित ‘नॉर्थ जोन इंटर-यूनिवर्सिटी (NZIU) महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप 2025-26’ भारी विवादों और गंभीर आरोपों के बीच समाप्त हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) की महिला हैंडबॉल टीम ने 10 मार्च को क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान प्रतिद्वंद्वी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की टीम, उनके कोच और दर्शकों पर डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने और गंभीर प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
8 मार्च से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे इस टूर्नामेंट का माहौल क्वार्टर फाइनल की सुबह अचानक हिंसक और तनावपूर्ण हो गया।
हिंसक भीड़ और मैच में डेढ़ घंटे की देरी PU टीम के अनुसार, मैच से पहले अचानक 100-150 लोगों की एक उग्र भीड़ (जो कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश की मोरसिंगी हैंडबॉल अकादमी से जुड़ी थी) LPU टीम का समर्थन करने पहुंच गई।
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इस भीड़ ने आते ही हूटिंग शुरू कर दी, रेफरी का अपमान किया और टूर्नामेंट अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए रेफरी पैनल बदलने की अनुचित मांग की।
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इन दबाव की रणनीतियों के कारण सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाले मैच में लगभग डेढ़ घंटे की देरी हुई।
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इस अफरातफरी के बीच, LPU टीम के मैनेजर चंदन और कोच स्नेहलता ने कथित तौर पर अधिकारियों और दर्शकों के सामने PU के कोच मानवप्रीत सिंह बावा के साथ गाली-गलौज की और उन्हें धमकियां दीं। इसके बावजूद, कोच बावा ने संयम बनाए रखा और खेल भावना का सम्मान करने की अपील की।
शारीरिक हमला और LPU कोच को ‘रेड कार्ड’ इस डराने वाले माहौल का सीधा असर PU की खिलाड़ियों पर पड़ा, जो हाफ-टाइम तक 20-8 से पिछड़ रही थीं। लेकिन असली हंगामा दूसरे हाफ की शुरुआत से ठीक पहले हुआ:
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PU दल का आरोप है कि LPU की कोच स्नेहलता ने आक्रामक रूप से PU कोच बावा के कंधे पर शारीरिक प्रहार किया। इस हिंसक व्यवहार के कारण मैच अधिकारियों ने तुरंत स्नेहलता को ‘रेड कार्ड’ (Red Card) दिखाकर कोर्ट से बाहर कर दिया।
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बाहर निकाले जाने के बावजूद स्नेहलता कथित तौर पर दर्शक दीर्घा से निर्देश देती रहीं। जब दिल्ली के रेफरी नरेंद्र मान ने हस्तक्षेप किया, तो भीड़ ने उनके साथ भी बदसलूकी की, जिसके कारण उन्हें कुछ देर के लिए कोर्ट छोड़ना पड़ा।
PU ने ‘जूरी ऑफ अपील’ में दर्ज कराईं दो आधिकारिक शिकायतें हंगामे के बीच खेल को पूरी तरह रद्द होने से बचाने के लिए, PU कोच ने निर्धारित फीस जमा कर ‘जूरी ऑफ अपील’ (Jury of Appeal) के समक्ष दो आधिकारिक लिखित शिकायतें दर्ज कराईं:
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दुर्व्यवहार की शिकायत (Misconduct): LPU कोच स्नेहलता और मैनेजर चंदन के धमकाने वाले और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ।
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खिलाड़ी की योग्यता पर सवाल (Eligibility Protest): LPU की खिलाड़ी जागृति देवी (जर्सी नंबर 19) के खिलाफ, जिन पर SAI STC गांधीनगर की ट्रेनी होने और विश्वविद्यालय के सख्त पात्रता नियमों को पूरा न करने का आरोप है।
रेफरी का बायकॉट और ‘पर्ची सिस्टम’ से निकला अजीबोगरीब नतीजा स्थानीय जिला प्रशासन और आयोजकों के बार-बार हस्तक्षेप के बाद किसी तरह यह मैच पूरा हुआ। लेकिन सुरक्षा और सम्मान की कमी के कारण PU की खिलाड़ी रोते हुए बेहद तनावपूर्ण स्थिति में अपने क्वार्टर लौटीं।
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खेल भावना के इस घोर उल्लंघन को देखते हुए, कई रेफरी ने LPU के किसी भी आगामी मैच में अंपायरिंग करने से साफ इनकार (Boycott) कर दिया।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जूरी के समक्ष विरोध लंबित होने और रेफरी के बायकॉट के कारण, टूर्नामेंट के आयोजकों ने कथित तौर पर बाकी मैच रद्द कर दिए और ‘पर्ची सिस्टम’ (Lottery Slip System) का उपयोग करके अंतिम विजेताओं की घोषणा कर दी।
PU खिलाड़ियों की अपील: PU खिलाड़ियों ने एकजुट होकर कहा है, “हम खेल में हार स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन खिलाड़ियों, रेफरी और आयोजकों के प्रति धमकियां, गालियां और असम्मान कतई स्वीकार नहीं कर सकते। खेल की भावना हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए।” अब पंजाब यूनिवर्सिटी की टीम खेल अधिकारियों और एसोसिएशन से इस पूरी घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग कर रही है ताकि एथलीटों की गरिमा और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं की पवित्रता बची रहे।














