
चंडीगढ़ : पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से स्नातक एवं परास्नातक शिक्षा प्राप्त कर चुके ऑफिस सुपरिटेंडेंट अश्वनी कुमार को नॉन-टीचिंग कर्मचारियों में पहली बार सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में विशेष योगदान के लिए ग्लोबल एलुमनाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और समाज व संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।
अश्वनी कुमार वर्ष 1996 से सेक्टर-17, चंडीगढ़ स्थित श्री रामलीला कमेटी (रजि.) से जुड़े हुए हैं। बीते तीन दशकों में वे मंच पर कई ऐतिहासिक और पौराणिक किरदार निभा चुके हैं, जिनमें शांतनु, खवेर, विश्वमित्र, परशुराम, भभीषण और मेघनाथ जैसे प्रमुख पात्र शामिल हैं। उनके अभिनय की सराहना दर्शकों और समिति दोनों स्तरों पर की जाती रही है।
अभिनय के क्षेत्र में अग्रणी रहते हुए अश्वनी जी ने अनेकों नाटकों में अभिनय किया है, जिनमें टोया, सबज वाघ, जंगी राम की हवेली, कंस वध, जगाई मधाई का उधार, कोर्ट मार्शल, चाँद कांची जैसे नाटक प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्होंने हिंदी फिल्म ए शिप ऑफ लाइफ डार्लिंग और वेब सीरीज ड्रीम लैंड में भी काम किया है। वे बाल्यकाल से ही रंगमंच से जुड़े हुए हैं और लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।

खेल के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे पंजाब विश्वविद्यालय की नॉन-टीचिंग कर्मचारी क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं और वर्तमान में एक अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। उनकी कप्तानी में टीम ने कई उपलब्धियाँ हासिल कीं और विश्वविद्यालय स्तर पर कर्मचारियों की भागीदारी को नई पहचान मिली।
इसके अलावा, अश्वनी कुमार को स्वतंत्रता दिवस समारोह, 15 अगस्त 2025 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में एप्रिसिएशन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें प्रशासनिक सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
उनकी यह उपलब्धि न केवल पंजाब विश्वविद्यालय बल्कि पूरे शहर के लिए गौरव का विषय है। अश्वनी कुमार एक कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ संस्कृति, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में भी प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।














