नई दिल्ली: भारतीय शिक्षण मंडल, दिल्ली प्रांत के झंडेवालान/उत्तरी विभाग द्वारा सिविल लाइंस स्थित श्री गुजराती सेवा समाज में दो दिवसीय ‘परिचायक वर्ग’ का अत्यंत सफल, सुव्यवस्थित और अनुशासित आयोजन किया गया। 31 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति और भारतीय शिक्षा दर्शन से परिचित कराना था।
विविध क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं की सहभागिता इस वर्ग में कुल 56 कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें 19 मातृशक्ति (महिलाएं) शामिल रहीं। विशेष बात यह रही कि इसमें केवल शिक्षा क्षेत्र के लोग ही नहीं, बल्कि विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक, वकील और बिजनेस मैनेजमेंट जैसे गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों के प्रबुद्ध जनों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ग के संचालन (वर्गाधिकारी) का दायित्व दिल्ली प्रांत की उपाध्यक्षा प्रो. विजेता अग्रवाल ने निभाया।
सत्रों का विवरण और बौद्धिक विमर्श कार्यक्रम की शुरुआत 31 जनवरी की शाम मौन भोजन और परिचय सत्र से हुई, जहां झंडेवालान विभाग के संपर्क प्रमुख श्री जितेंद्र जी ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। दूसरे दिन का शुभारंभ एकात्मता स्तोत्र और योगाभ्यास से हुआ। इसके पश्चात आयोजित विभिन्न सत्रों में विद्वानों ने मार्गदर्शन दिया:
- प्रथम सत्र: प्रो. अरविंद झा ने “भारतीय शिक्षा दर्शन एवं शिक्षा में भारतीयता” विषय पर सारगर्भित विचार रखे।
- द्वितीय सत्र: संगठन मंत्री (दिल्ली-पंजाब-हरियाणा प्रांत) माननीय गणपति जी ने कार्यकर्ता की भूमिका और विभागीय संरचना को स्पष्ट किया।
- तृतीय सत्र: अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख आदरणीय अमित दत्ता जी ने “कार्यकर्ता विकास (2+2+2+2), कार्य पद्धति मंडल (5+5+5+5) और अध्ययन समूह” जैसे तकनीकी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
समापन और अतिथियों की उपस्थिति चतुर्थ सत्र में मंडल के प्रत्यक्ष कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। समापन सत्र में दिल्ली प्रांत अध्यक्ष प्रो. अजय कुमार सिंह की उपस्थिति में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर दिल्ली प्रांत मंत्री डॉ. धर्मेन्द्र तिवारी और संगठन मंत्री श्री सचिन जी भी पूर्ण समय उपस्थित रहे। यह वर्ग सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरक सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें संगठन कार्य को आगे बढ़ाने की स्पष्ट दिशा मिली।














