नई दिल्ली: भारत ने रविवार सुबह अफगानिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों (Airstrikes) की कड़ी आलोचना की है। भारत सरकार ने पाकिस्तान की इस सैन्य कार्रवाई को ‘गैर-जिम्मेदाराना हरकत’ करार दिया है।
भारत का कड़ा रुख और बयान भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत रमजान के पवित्र महीने में अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। जायसवाल ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “पाकिस्तान की अपनी अंदरूनी नाकामियों को बाहर छिपाने की एक और कोशिश है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत हमेशा से अफगानिस्तान की संप्रभुता (Sovereignty), क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) और स्वतंत्रता का पूर्ण समर्थन करता रहा है।
हमले में जनहानि और अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए इन हवाई हमलों के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
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हताहतों की संख्या: रिपोर्टों के अनुसार, इस बमबारी में महिलाओं और बच्चों सहित 17 लोगों की जान चली गई है, जबकि छह लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
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अफगान सरकार का बयान: अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि पाकिस्तान ने बीती रात नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों को निशाना बनाकर बमबारी की है। उन्होंने बताया कि इस हमले में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए हैं।
पाकिस्तान की सफाई दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए अपनी कार्रवाई को सही ठहराने का प्रयास किया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तानी सेना ने खुफिया जानकारी (Intelligence) के आधार पर यह कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि सीमावर्ती इलाके में टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और उसके सहयोगियों के सात आतंकी शिविरों और ठिकानों को चुनकर निशाना बनाया गया है।














