द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ईएसआई), चंडीगढ़ द्वारा पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से सेक्टर-21 स्थित बर्ड सैंक्चुरी में विश्व तोता दिवस और अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बारिश के बावजूद विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्यजीव संरक्षक अनूप कुमार सोनी थे। कार्यक्रम की शुरुआत में ईएसआई के सचिव एन.के. झिंगन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बर्ड सैंक्चुरी के ऐतिहासिक महत्व और तोता संरक्षण में संस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्था के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप इस क्षेत्र को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संरक्षित पक्षी अभयारण्य का दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआई देश की उन चुनिंदा संस्थाओं में शामिल है जो नियमित रूप से विश्व तोता दिवस का आयोजन करती हैं और वर्ष 2026 में अपनी स्वर्ण जयंती मना रही है।
सेवानिवृत्त उप-प्रधानाचार्या एवं संस्था की सक्रिय सदस्य अंजलि कपूर ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि अनूप कुमार सोनी ने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता का संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के तोतों, उनकी जीवनशैली और पर्यावरणीय महत्व के बारे में जानकारी दी तथा लोगों से पक्षियों को पिंजरों में कैद न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वन्य पक्षियों को पकड़ना और कैद करना वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारे लगाए। सभी प्रतिभागियों ने एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की शपथ भी ली।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बर्ड सैंक्चुरी परिसर और आसपास निकाली गई जागरूकता रैली रही। विद्यार्थियों ने जैव विविधता संरक्षण, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े संदेशों वाले रंग-बिरंगे पोस्टर और तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। गर्मी के मौसम को देखते हुए पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र भी स्थापित किए गए।
इस अवसर पर परमजीत ने मुख्य अतिथि को तोते का एक कार्यशील मॉडल भेंट किया, जबकि सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा आयर्वीर खोसला ने तोता संरक्षण और प्रकृति पर आधारित कविता प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्रेष्ठ नारे और आकर्षक पोस्टर तैयार करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्यान विशेषज्ञ एवं ईएसआई के कोषाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र नाथ, इंजीनियर अशोक बंसल, के.एल. सचदेवा, ऋतु खोसला, शशि झिंगन सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। धन्यवाद प्रस्ताव राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-33 डी की प्रवक्ता अनुबाला ने प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विद्यार्थियों, शिक्षकों और चंडीगढ़ वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया तथा रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर जतिन्दर सिंह और उनकी टीम के सहयोग की विशेष सराहना की।
कार्यक्रम में राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मक्खन माजरा, गवर्नमेंट स्मार्ट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-50, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-33 डी तथा सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन जैव विविधता संरक्षण, पक्षियों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी तथा स्वच्छ और हरित पर्यावरण निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।















