नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा है कि वे सोशल मीडिया मंचों का उपयोग केवल सूचना प्रसारित करने और लोगों से जुड़ने के लिए ही नहीं, बल्कि नागरिकों की चिंताओं को सुनने, समझने और उनके समाधान के लिए भी करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने नागरिकों के सूचना प्राप्त करने, साझा करने और प्रतिक्रिया देने के तरीकों में व्यापक बदलाव किया है।
राष्ट्रपति भवन में भारतीय सूचना सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और पहलों की जानकारी लोगों तक स्पष्ट, सटीक और समय पर पहुंचे। इसके साथ ही उन्हें जनता की आकांक्षाओं, सुझावों और समस्याओं को समझकर प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित संवाद सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गलत और भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, ऐसे में अधिकारियों को तथ्यों और अफवाहों के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करनी होगी। संकट की परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्ण प्रतिक्रिया देना और नागरिकों तक प्रमाणिक जानकारी समय पर पहुंचाना बेहद आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से नवीन तकनीकों और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों के साथ उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।
इस अवसर पर भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से भी मुलाकात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े बेहतर शासन की आधारशिला होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि हर आंकड़े के पीछे वास्तविक लोगों का जीवन और उनकी आवश्यकताएं जुड़ी होती हैं। इसलिए आंकड़ों को नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए अधिक सुलभ और उपयोगी बनाना आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटल तकनीक, मशीन लर्निंग और आधुनिक डेटा विश्लेषण के माध्यम से सांख्यिकी व्यवस्था में बड़े बदलाव आ रहे हैं। ऐसे समय में सांख्यिकीय निष्पक्षता, गोपनीयता, वस्तुनिष्ठता और पेशेवर उत्कृष्टता को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सूचना सेवा और भारतीय सांख्यिकी सेवा दोनों का उद्देश्य शासन की गुणवत्ता को मजबूत करना और देशवासियों की बेहतर सेवा करना है। प्रभावी संवाद और विश्वसनीय जानकारी एक जीवंत एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं।















