वॉशिंगटन। अमेरिका में ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) प्राप्त करने की उम्मीद रखने वाले प्रवासियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ट्रंप प्रशासन ने ‘पब्लिक चार्ज’ (सरकारी सहायता पर निर्भरता) की परिभाषा को व्यापक बनाते हुए ऐसे आवेदकों पर कड़ी निगरानी का प्रावधान किया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं, मुफ्त राशन, आवास सहायता या अन्य सरकारी लाभों का उपयोग करते हैं।
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा अंतिम रूप दिए गए नए नियम 18 सितंबर से लागू होंगे। इन नियमों का प्रभाव भारतीय प्रवासियों सहित उन सभी लोगों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन कर रहे हैं।
पहले लागू नियमों के तहत केवल नकद सरकारी सहायता और सरकारी खर्च पर लंबे समय तक संस्थागत देखभाल को ही ‘पब्लिक चार्ज’ माना जाता था। हालांकि नए नियमों के अनुसार अधिकारियों को यह आकलन करने का अधिकार होगा कि कोई आवेदक भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकता है या नहीं।
यूएससीआईएस के अनुसार, आवेदक की आयु, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक योग्यता तथा उसके आश्रितों द्वारा प्राप्त सरकारी लाभों को भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी को लगता है कि आवेदक भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकता है, तो उससे ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ जमा कराने को कहा जा सकता है।
यह नियम बाइडन प्रशासन द्वारा 2022 में लागू ‘पब्लिक चार्ज’ नीति को समाप्त किए जाने के बाद लाया गया है। नया प्रावधान 18 सितंबर या उसके बाद दाखिल किए जाने वाले ‘फॉर्म I-485’ (स्थायी निवास या स्टेटस एडजस्टमेंट आवेदन) पर लागू होगा।
आव्रजन विशेषज्ञों साइरस मेहता और दमीरा जानातोवा के अनुसार, नए नियम अधिकारियों को ग्रीन कार्ड आवेदनों की समीक्षा और अस्वीकृति के लिए अधिक अधिकार प्रदान करते हैं, जिससे आवेदकों के लिए प्रक्रिया और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।















