चंडीगढ़। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि 13 अगस्त को अंबाला में पुलिस पर हुए कथित हमले के मामले में दर्ज मुकदमों को तब तक वापस न लिया जाए, जब तक आरोपित सार्वजनिक रूप से माफी न मांग लें। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा कि पुलिस का मनोबल बनाए रखना कानून व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
शांडिल्य ने कहा कि अंबाला में राष्ट्रीय राजमार्ग खुलवाने के दौरान डीएसपी वीरेंद्र शर्मा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उन्होंने मांग की कि हमले में घायल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से आरोपित माफी मांगें, तभी मामलों को वापस लेने पर विचार किया जाए। उनका कहना था कि बिना माफी के मुकदमे वापस लेने से गलत संदेश जाएगा और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में घायल डीएसपी वीरेंद्र शर्मा को पदोन्नति देकर एएसपी बनाने तथा अन्य घायल पुलिसकर्मियों को भी विभागीय प्रमोशन देने की मांग की। शांडिल्य ने कहा कि पुलिस पर हमला संविधान और कानून व्यवस्था पर हमला है तथा किसी भी व्यक्ति या संगठन को संविधान से ऊपर नहीं माना जा सकता।
वीरेश शांडिल्य ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े थे और उन्होंने हरियाणा में भाईचारे एवं शांति को प्रभावित करने का प्रयास किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार बिना माफी के मामलों को वापस लेती है तो वह इस मुद्दे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।















