इंदौर, 15 जुलाई: भारतीय शिक्षण मंडल – मालवा प्रांत इंदौर की सहभागिता में “व्यास पूजन” कार्यक्रम का आयोजन शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, लोकमान्य नगर इंदौर में पारंपरिक श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत संगीतमय सरस्वती वंदना से हुई, जिसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती की आराधना की गई। इस शुभ अवसर पर उपस्थित सभी माननीय अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की।
कार्यक्रम में भारतीय शिक्षण मंडल का परिचय डॉ. विमल शर्मा (प्रांत कोषाध्यक्ष) द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. अनुपमा मोदी (प्रांत सह-मंत्री, मालवा प्रांत एवं प्रांत टोली सदस्य) ने गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित अपने वक्तव्य में प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति से लेकर आधुनिक शिक्षा प्रणाली तक की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से प्राचीन भारतीय शिक्षा दर्शन का उपयोग कर हम 21वीं सदी के नवभारत की संरचना कर सकते हैं।
डॉ. मोदी ने भाव मिश्र, सुश्रुत, पाराशर, वराहमिहिर एवं सुरपाल जैसे महान आयुर्वेदाचार्यों एवं ऋषि-मुनियों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आयुर्वेद के साथ उनके योगदान की समृद्ध परंपरा को छात्रों के समक्ष उजागर किया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को स्वर्णिम छात्र जीवन के सदुपयोग की प्रेरणा देते हुए किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सदैव ज्ञान-पथ पर अग्रसर रहें और भारतीय शिक्षा की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाएं।















