चंडीगढ़, 25 सितम्बर 2025 : भारतीय वायुसेना ने चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर मिग-21 लड़ाकू विमानों की सेवाओं से औपचारिक विदाई के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया। मिग-21, जिसे 1963 में वायुसेना में शामिल किया गया था, छह दशकों से अधिक समय तक देश की हवाई शक्ति का आधार बना रहा। इसकी पहली स्कवॉड्रन चंडीगढ़ में महज़ तीन तम्बुओं से शुरू हुई थी।
मिग-21 ने 1965 और 1971 के युद्धों, 1999 के कारगिल संघर्ष और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे अभियानों में अहम भूमिका निभाई। बालाकोट के दौरान इस विमान ने एक एफ-16 को मार गिराकर इतिहास रचा। दशकों तक यह भारतीय लड़ाकू पायलटों की ट्रेनिंग का अभिन्न हिस्सा भी रहा।
शुक्रवार को होने वाले विदाई समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में ‘बादल’ और ‘पैंथर’ फ्लाईपास्ट फॉर्मेशन्स द्वारा अंतिम उड़ान भरी जाएगी, जबकि स्वदेशी एलसीए तेजस विमानों को मिग-21 की जगह तैयार किया गया है।
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, यह विदाई भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास का एक भावनात्मक अध्याय है। मिग-21 की वीरता और योगदान हमेशा याद किए जाएंगे।














