चंडीगढ़, 1 अगस्त : पंजाब की सियासत में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पूर्व वरिष्ठ नेता और जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी रणजीत सिंह गिल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। उन्होंने 18 जुलाई को अकाली दल से इस्तीफा दिया था, जिसके दो सप्ताह बाद अब उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर पंजाब से भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गिल का स्वागत करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रेरित एक सम्मानित व्यक्तित्व बताया और भरोसा जताया कि उनका अनुभव व प्रभाव पार्टी के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
सैनी ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा, “AAP ने लोगों को सिर्फ वादे किए लेकिन उन्हें निभाया नहीं। कल प्रधानमंत्री किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, और हम गिल साहब का भाजपा में गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।”
रणजीत गिल के अकाली दल से इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया था। उन्होंने 18 जुलाई को एक सोशल मीडिया पोस्ट में देश और पंजाब के हित में बड़ा फैसला लेने की बात कही थी। इसके बाद 26 जुलाई को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मुलाकात की तस्वीर साझा की, जिससे उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गईं।
गिल के AAP में शामिल होने की संभावनाएं भी जताई जा रही थीं, खासतौर पर खरड़ से विधायक अनमोल गगन मान के इस्तीफे के बाद। हालांकि, मान ने पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर एक दिन बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
मोहाली के प्रभावशाली नेता गिल के भाजपा में शामिल होने को पार्टी की पंजाब में भविष्य की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भाजपा राज्य में अपना आधार मजबूत करने और SAD व AAP जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की पकड़ को कमजोर करने की दिशा में यह कदम उठाती दिख रही है।













